मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आज विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹4.38 लाख करोड़ का बजट पेश किया। सरकार ने साल 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। ‘GYAN’ (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) मॉडल पर आधारित इस बजट में कृषि और ग्रामीण विकास के लिए रिकॉर्ड आवंटन किया गया है।
किसानों के लिए बजट की 10 बड़ी बातें:
1. किसान कल्याण के लिए भारी-भरकम राशि:
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कुल ₹1,01,500 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है। इसमें खेती की लागत कम करने और आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
2. सोलर पंपों की सौगात:
‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत राज्य के 1 लाख किसानों को सोलर पंप प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने ₹3,000 करोड़ का निवेश करने का निर्णय लिया है। इससे किसानों की बिजली पर निर्भरता कम होगी और सिंचाई लागत में बचत होगी।
3. मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना:
राज्य के 82 लाख से अधिक किसानों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए ₹5,500 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके तहत किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि (सालाना ₹12,000 – केंद्र और राज्य मिलाकर) जारी रहेगी।
4. सिंचाई का बड़ा नेटवर्क (केन-बेतवा लिंक):
केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए ₹42,605 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के 8.81 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बढ़ेगी। यह बुंदेलखंड के किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
5. फसल बीमा और ब्याज मुक्त कर्ज:
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: फसलों की सुरक्षा के लिए ₹1,299 करोड़ का प्रावधान।
- ब्याज मुक्त ऋण: किसानों को खेती के लिए बिना ब्याज के लोन देने हेतु ₹720 करोड़ की व्यवस्था की गई है। अल्पकालिक कृषि ऋण का लक्ष्य ₹25,000 करोड़ रखा गया है।
6. प्राकृतिक खेती और उत्पादकता:
राज्य में 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती (Natural Farming) को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने वाली योजनाओं के लिए ₹28,158 करोड़ का बड़ा बजट रखा गया है।
7. पशुपालन और दुग्ध उत्पादन:
मध्य प्रदेश को देश की ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने के लक्ष्य के साथ पशुपालन क्षेत्र के लिए ₹2,000 करोड़ दिए गए हैं। गौशालाओं के लिए प्रति गौवंश अनुदान को ₹20 से बढ़ाकर ₹40 कर दिया गया है।
8. ई-मंडी और डिजिटल खेती:
किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए e-Mandi योजना का विस्तार किया जाएगा। उपज का बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने के लिए ₹8,091 करोड़ का अलग से प्रावधान है।
9. ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर:
‘मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना’ के तहत ₹21,630 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जिससे दूरदराज के खेतों और गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जाएगा, ताकि किसान अपनी फसल आसानी से मंडी तक ले जा सकें।
10. नई योजना G-RAM-G:
ग्रामीण रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देने के लिए नई G-RAM-G योजना शुरू की गई है, जिसके लिए ₹10,428 करोड़ का प्रस्ताव है।
वित्त मंत्री का संदेश:
“हमारी सरकार का लक्ष्य ‘समृद्ध किसान – समृद्ध प्रदेश’ है। हम तकनीक और परंपरा का मेल कर खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”




















