रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश में एक साथ तीन मौसमी प्रणालियों (Weather Systems) के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हुई अच्छी बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए प्रदेश के कई जिलों में तीव्र मेघगर्जन (Thunderstorm) और भारी वज्रपात (Lightning) का ऑरेंज/येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी रायपुर सहित कई प्रमुख शहरों में शाम और रात के समय तेज अंधड़ के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है।
इन 3 बड़े कारणों से बदला छत्तीसगढ़ का मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में छत्तीसगढ़ के ऊपर तीन अलग-अलग मौसम सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं, जिसके कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से भारी मात्रा में नमी आ रही है:
- पंजाब से बिहार तक समुद्र तल पर एक मजबूत मौसमी द्रोणिका (Trough) बनी हुई है।
- पूर्वी विदर्भ से लेकर तेलंगाना और तमिलनाडु तक एक अन्य ट्रफ लाइन सक्रिय है।
- दक्षिणी क्षेत्रों से लगातार आ रही ठंडी और नम हवाओं के कारण बादलों की आवाजाही और गर्जना तेज हो गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों तक यह स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी, और शाम या रात के वक्त मौसम सबसे ज्यादा आक्रामक (सक्रिय) हो सकता है।
रायपुर अब भी सबसे गर्म, लेकिन शाम को राहत के आसार
शुक्रवार को राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री अधिक रहा। हालांकि, बस्तर और सरगुजा संभाग के अधिकांश इलाकों में मध्यम से भारी बारिश के कारण मौसम सुहाना बना हुआ है। शनिवार को भी रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और शाम को धूल भरी आंधी के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
मौसम विभाग की विशेष चेतावनी: ग्रामीण क्षेत्रों, खेतों में काम करने वाले किसानों और खुले आसमान के नीचे रहने वाले लोगों को मौसम खराब होने पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आसमानी बिजली (वज्रपात) के दौरान भूलकर भी पेड़ों के नीचे शरण न लें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल से बचें।
जून के अंत तक नियमित मानसून और खेती में आएगी तेजी
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं। यदि यही ट्रेंड बना रहा, तो जून के अंतिम सप्ताह (25 से 30 जून) तक छत्तीसगढ़ के लगभग सभी जिलों में नियमित और झमाझम बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। इससे राज्य में कृषि कार्यों और धान की बोआई में तेजी आएगी।




















