मौसम अपडेट : छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए आखिरकार राहत की खबर आ रही है। प्रदेश में मानसून की दस्तक के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल हो चुकी हैं। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 48 से 72 घंटों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून दक्षिण छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग) के रास्ते सूबे में प्रवेश कर सकता है। हालांकि, मानसून के आने से ठीक पहले तापमान में बढ़ोतरी के कारण राज्य के कई हिस्सों में उमस का प्रकोप बढ़ गया है।
2 से 3 दिनों में बस्तर के रास्ते दाखिल होगा मानसून
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की आगे बढ़ने की रफ्तार बेहतर है और अगले 2 से 3 दिनों में यह छत्तीसगढ़ के दक्षिणी छोर पर दस्तक दे देगा। बस्तर संभाग में मानसून के प्रवेश करते ही झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से पूरी तरह निजात मिलेगी।
पारा बढ़ने से बढ़ी उमस, उत्तर-मध्य छत्तीसगढ़ में अंधड़-बारिश
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरे छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वजह से कई इलाकों में लोग तेज उमस और चिपचिपी गर्मी से बेहाल हैं।
राहत की बात यह है कि इस गर्मी के बीच ही उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर स्थानीय प्रभाव के कारण मौसम बदला है। यहाँ गरज-चमक के साथ तेज अंधड़ चली और मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की गई, जिसने स्थानीय स्तर पर लोगों को थोड़ी राहत दी है।
अगले 5 दिनों का यलो अलर्ट: आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग ने आगामी 5 दिनों के लिए पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया है। राज्य में मानसूनी हलचल तेज होने के कारण अगले 5 दिनों तक गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान और बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। इस दौरान कई जिलों में:
- आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की भारी आशंका है।
- तेज रफ्तार तूफानी हवाएं (Gusty Winds) चलने का अनुमान है।
- अधिकांश क्षेत्रों में रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
प्रशासन की अपील: खराब मौसम में बरतें सावधानी
मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि:
”खराब मौसम या आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों, पेड़ों के नीचे और इलेक्ट्रॉनिक/लोहे के खंभों के पास बिल्कुल न खड़े हों। सुरक्षित पक्के मकानों की शरण लें।”




















