दुर्ग : प्रार्थी राजू नामदेव, निवासी सेक्टर-07, भिलाई द्वारा थाना सुपेला में लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी कि आरोपी योगेश साहू एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा निवेश पर प्रतिमाह 10 प्रतिशत लाभांश देने का प्रलोभन देकर उसे विश्वास में लिया गया। आरोपियों द्वारा अन्य ग्राहकों के बैंक खाते के स्टेटमेंट दिखाकर निवेश योजना को विश्वसनीय बताया गया। इसके बाद प्रार्थी से बैंक खाता एवं मोबाइल संबंधी जानकारी प्राप्त की गई।
आरोपियों द्वारा निवेश योजना की जानकारी देने के पश्चात प्रार्थी ने उनकी बातों पर विश्वास कर दिनांक 21.03.2025 को 15 लाख रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए खाते में ट्रांसफर किए थे। प्रारंभिक अवधि में प्रार्थी के खाते में लाभांश की राशि भेजी गई, जिसके बाद लाभांश देना बंद कर दिया गया तथा राशि वापस करने का आश्वासन दिया जाता रहा। बाद में प्रार्थी को जानकारी हुई कि अन्य निवेशकों से भी इसी प्रकार बड़ी रकम प्राप्त की गई है।
शिकायत पर थाना सुपेला में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान प्रार्थी सहित अन्य निवेशकों के कथन लिए गए तथा बैंक खातों एवं लेन-देन से संबंधित जानकारी का परीक्षण किया गया। विवेचना में निवेशकों मोहम्मद रफी, साधना मिश्रा, शिबा शेख सहित अन्य के कथनों एवं उपलब्ध दस्तावेजों से आरोपी राजकुमार तिवारी की भूमिका सामने आई।
विवेचना में पाया गया कि आरोपी राजकुमार तिवारी HDFC बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत रहते हुए बड़े रकम वाले खाताधारकों की जानकारी प्राप्त करता था। इसके बाद निवेशकों को गोल्ड ईटीवी में निवेश कर अधिक लाभ कमाने का प्रलोभन दिया जाता था। आरोपी द्वारा निवेशकों से चेक प्राप्त कर राशि मुख्य आरोपी योगेश साहू के खाते में जमा किए जाने तथा निवेशकों को प्राप्त होने वाला लाभांश अपने खाते से दिए जाने संबंधी साक्ष्य विवेचना में प्राप्त हुए हैं।
प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर राजकुमार तिवारी को आरोपी बनाया गया। पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत में लेकर गवाहों के समक्ष मेमोरण्डम कथन लिया गया। विवेचना में प्राप्त पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया तथा न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)
आरोपी द्वारा बैंक में अपने पद का लाभ उठाकर बड़े रकम वाले खाताधारकों की जानकारी प्राप्त की जाती थी। इसके बाद निवेशकों को गोल्ड ईटीवी में निवेश एवं प्रतिमाह 10 प्रतिशत लाभांश का प्रलोभन देकर राशि प्राप्त की जाती थी। निवेशकों से प्राप्त चेक मुख्य आरोपी के खाते में जमा किए जाते थे तथा निवेशकों का विश्वास बनाए रखने के लिए प्रारंभिक अवधि में लाभांश की राशि आरोपी द्वारा अपने खाते से दी जाती थी।
आरोपी का नाम : 1. राजकुमार तिवारी, उम्र 37 वर्ष, निवासी एलआईजी क्वार्टर नंबर 11/3, नेहरू नगर ईस्ट, भिलाई, थाना सुपेला, जिला दुर्ग।
जप्त सामग्री : विवेचना में निवेशकों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों, लेन-देन एवं लाभांश भुगतान से संबंधित दस्तावेजों/जानकारियों का परीक्षण किया गया है। प्रकरण में विधिसम्मत साक्ष्य संकलन की कार्यवाही जारी है।



















