छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य, जहां मोबाइल एप के जरिए मिलेगा विद्युत संबंधी सेवाओं का लाभ : बिजली दफ्तर जाने की जरूरत नहीं..

रायपुर, 06 अक्टूबर 2020 / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय मंे छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्टीब्यूशन कंपनी के ‘‘मोर बिजली एप’’ के नये फीचर्स का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का ऐसा पहला राज्य है, जहां विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा उपभोक्ताओं को विद्युत सेवाओं का घर बैठे लाभ मुहैया कराने के लिए मोर बिजली मोबाइल एप लॉन्च किया गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इसके लिए सीएसपीडीसीएल के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को इससे बड़ी सहूलियत मिलेगी। विद्युत उपभोक्ता इस एप के जरिए विद्युत वितरण कम्पनी की 90 फीसद से अधिक सेवाओं का घर बैठे लाभ प्राप्त कर सकते हैं। यह एप विद्युत संबंधित किसी भी समस्या का भी मददगार साबित होगा।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि अब उपभोक्ताओं को बिजली दफ्तर पर चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। इससे श्रम, समय और पैसे की बचत होगी। उन्होंने विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस एप के जरिए विद्युत कम्पनी की मैदानी टीम को काम करने में आसानी होगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा बिजली उत्पादन, पारेषण एवं वितरण को उन्नत बनाने के लिए पॉवर कंपनी द्वारा नवीनतम तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका एक आदर्श उदाहरण ‘‘मोर बिजली एप’’ भी है। इस निःशुल्क सुविधा का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को इसे अपने मोबाईल पर डाउनलोड करना चाहिए। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, मुख्यमंत्री के अपर सचिव एवं पावर कम्पनीज के चेयरमैन श्री सुब्रत साहू, एम.डी. सर्वश्री हर्ष गौतम, राजेश वर्मा, एम. के. बिजौरा, श्रीमती उज्जवला बघेल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में पॉवर कम्पनीज के चेयरमेन श्री सुब्रत साहू ने कहा कि उर्जा से उन्नति की ओर प्रदेशवासियों को अग्रसर करने अनेक योजनायें और सुविधायें पहली बार आरंभ की गई है। जिनमें हाफ रेट पर बिजली योजना और मोर बिजली एप से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। भविष्य में भी छत्तीसगढ़ विद्युत विकास का गढ़ बना रहेगा। इसके लिए प्रदेश में विद्युत अधोसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण काल में भी विद्युत उत्पादन के मामलें में छत्तीसगढ़ अग्रणी बना हुआ है और ‘‘सबको बिजली, सस्ता दाम-सबको राहत, सबको काम’’ की अवधारणा को पूर्ण कर रहा है।

उन्होंने बताया कि इस एप को गूगल प्ले स्टोर से निःशुल्क डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप के जारिए लोग घर बैठे 16 से अधिक प्रकार के विद्युत संबंधी कार्यों का निपटारा कभी भी किसी भी समय कर सकते हैं। इस एप में शामिल नया फीचर ‘‘आपातकालीन शिकायत’’ विद्युत दुर्घटना की घड़ी में उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। कहीं टूटे बिजली के तार या अन्य क्षतिग्रस्त विद्युत प्रणाली की फोटो खींचकर अपातकालीन शिकायत के अपलोड बटन को दबाने पर एसएमएस के द्वारा संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारी को लोकेशन की सूचना मिल जाएगी और बिजली तार या क्षतिग्रस्त उपकरण दुरूस्त कर लिए जाएंगे। शिकायत दाता को इसकी सूचना भी मिल जाएगी। इसके अलावा मीटर, नाम परिवर्तन, शिफ्टिंग, नया कनेक्शन, भार वृद्धि, टेरिफ परिवर्तन, बिल भुगतान, बिजली बिल हाफ योजना से प्राप्त छूट, बिजली बिल की गणना आदि कार्य घर बैठे ही की जा सकेगी।
मोर बिजली एप की खासियत

मोर बिजली एप के जरिए हर उपभोक्ता का मोबाईल बिजली दफ्तर बन जाएगा। इसके द्वारा बिजली बंद की शिकायत दर्ज करने पर बिजली मिस्त्री गूगल मैप के सहारे उपभोक्ता के परिसर तक पहुंच सकता है। बिजली की आपातकालीन शिकायत इस एप से करने पर जीपीआरएस लोकेशन की सूचना मिल जाती है और विद्युत दुर्घटना रोकने आपातकालीन शिकायत दूर करने सुधार दल स्थल पर जल्दी ही पहुंच जाता है। मीटर शिफ्टिंग, नाम परिवर्तन, निम्नदाब बिजली कनेक्शन, भार वृद्धि-कमी हेतु बिजली दफतर जाये बिना इस एप से ऐसे कार्य पूर्ण हो जाते हैं। उपभोक्तागण अपने सहित अन्य 04 विद्युत कनेक्शन के बिल को इस एप के माध्यम से अपने मोबाईल पर देख सकता है। बिल का भुगतान ऑनलाईन कर सकता है। उपभोक्तागण पिछले दो वर्षों में खपत किये गये बिजली की यूनिट्स तथा उसके भुगतान की भी जानकारी इस एप से ले सकते हैं। बिजली बिल में गड़बड़ी की आशंका होने पर उपभोक्तागण इस एप से वर्तमान में लागू बिजली की दर को देखकर स्वयं सही बिजली बिल की गणना कर सकते हैं। मीटर रीडिंग गड़बड़ी सुधारने हेतु उपभोक्तागण मीटर की रीडिंग की फोटो खींचकर इस एप के द्वारा बिजली दफ्तर में भेजकर आसानी से सुधार करवा सकते हैं।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
error: Content is protected !!