सारंगढ़-बिलाईगढ़ : जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस का कड़ा रुख लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शर्मा (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरेन्द्र पटेल एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्रीमती संतोषी ग्रेस के मार्गदर्शन में अवैध गतिविधियों और मारपीट के मामलों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में सरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत घर में घुसकर चोरी करने और विरोध करने पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
आधी रात को सीढ़ी से नीचे उतर रहा था आरोपी
प्रार्थी के मुताबिक पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 17.08.2026 की रात सरिया निवासी प्रार्थिया उत्तरा सिदार अपने पति के साथ घर के बरामदे में सोई हुई थी, जबकि घर के अंदर वाले कमरे में उनके मेहमान संतोष दास निवासी बरगढ़, ओडिशा भी सोए हुए थे। रात करीब 12:00 बजे सीढ़ी पर रखी बाल्टी के गिरने की आवाज सुनकर प्रार्थिया की नींद खुली। उन्होंने उठकर देखा तो संदीप उर्फ गुरु धांगड़ नामक युवक सीढ़ी से नीचे उतर रहा था।
विरोध करने पर दी धमकी और किया जानलेवा हमलाl
प्रार्थिया ने जब युवक से पूछा कि वह इतनी रात को उनके घर के अंदर क्या कर रहा है, तो वह गंदी-गंदी गालियां देने लगा और धमकी दी कि यदि पुलिस में रिपोर्ट की तो पूरे परिवार को जान से खत्म कर दूंगा। शोर सुनकर अंदर सो रहे मेहमान संतोष दास भी बाहर आ गए। जब उन्होंने आरोपी से घर में घुसने की वजह पूछी, तो आरोपी ने उन पर भी अश्लील गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद गुस्से में आकर आरोपी ने पास ही पड़ा बांस का डंडा उठाया और संतोष दास के सिर पर जोरदार वार कर दिया, जिससे उनके सिर से खून बहने लगा और गंभीर चोट आई।
घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर सरिया थाने में तुरंत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और गवाहों के बयानों के आधार पर अपराध की पुष्टि की। इसके बाद आरोपी संदीप उर्फ भुरू धांगड़ उम्र 36 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 11, सरिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में जुर्म कबूल करने पर आरोपी को दिनांक 27.08.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस पूरी त्वरित कार्रवाई और आरोपी की धरपकड़ में थाना प्रभारी निरीक्षक एन.एल. राठिया, प्रशिक्षु उप निरीक्षक गजेंद्र कुमार, सउनि मोतीलाल डनसेना, प्रधान आरक्षक विजय यादव, तथा आरक्षक मुकेश कश्यप, ताराचंद मिरेन्द्र, लक्ष्मीनारायण पटेल, नर्मदा यादव और श्रवण टंडन की सराहनीय और महत्वपूर्ण भूमिका रही।




















