छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश भर में रुक-रुककर हो रही मूसलाधार बारिश से न केवल तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, बल्कि आम जनमानस को भीषण उमस से भी राहत मिली है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, कम दबाव का क्षेत्र और सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में अगले दो दिनों तक बारिश का दौर लगातार जारी रहने की संभावना है।
छोटेडोंगर में सर्वाधिक 18 सेमी वर्षा
प्रदेश भर में बारिश का सबसे अधिक प्रभाव बस्तर और आसपास के इलाकों में देखा गया। नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर में सर्वाधिक 18 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा अन्य प्रमुख स्थानों पर वर्षा के आंकड़े:
अंतागढ़ एवं बास्तानार: 16-16 सेमी
चलगली, माकड़ी, बड़े बचेली, दौरा कोचली और नारायणपुर: 13-13 सेमी
रायपुर (राजधानी): 12 सेमी
राजधानी रायपुर में दिनभर रुक-रुककर बारिश का दौर चलता रहा, जिससे शहर का मौसम सुहाना बना रहा।
तापमान का हाल
बारिश के चलते प्रदेश के ज्यादातर जिलों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है।
प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान: अंबिकापुर (31.5°C)
प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान: जगदलपुर (21.7°C)
मौसम विभाग के अनुसार, रायपुर में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश या बूंदाबांदी का अनुमान है। रायपुर का अधिकतम तापमान लगभग 29°C और न्यूनतम तापमान 24°C के आसपास रहने का पूर्वानुमान जताया गया है।
मौसम प्रणालियों का असर (क्यों हो रही है बारिश?)
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में तीन मुख्य मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं, जिसके कारण बंगाल की खाड़ी से भरपूर नमी आ रही है:
कम दबाव का क्षेत्र: पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के आसपास निम्न दाब का क्षेत्र (Low Pressure Area) और उससे संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
द्रोणिका : दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश से होकर उत्तरी मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़ और झारखंड के रास्ते पश्चिम बंगाल तक एक द्रोणिका 3.1 किमी की ऊंचाई तक फैली हुई है।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक, अगले 48 घंटों तक प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का दौर बना रहेगा। बस्तर, रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। दो दिनों के बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद है।




















