दुर्ग : प्रार्थी मोनिश सोनी, उम्र 26 वर्ष, निवासी डी-604, साईं ड्रीम सिटी, रायपुर, थाना राजेन्द्र नगर, जिला रायपुर ने दिनांक 24.08.2026 को थाना मोहन नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके नाम पर टोयोटा यारिस कार क्रमांक CG 07 BZ 5226 आरटीओ कार्यालय दुर्ग से पंजीकृत है। प्रार्थी को उसके वाहन के संबंध में ट्रैफिक चालान एवं टोल राशि कटने के संदेश प्राप्त हुए, जबकि संबंधित समय पर उसका वाहन उक्त स्थानों पर उपयोग नहीं किया गया था।
जांच करने पर जानकारी मिली कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा प्रार्थी के वाहन का पंजीयन क्रमांक अपनी टोयोटा यारिस कार पर फर्जी तरीके से प्रदर्शित कर उपयोग किया जा रहा है। प्रार्थी के अनुसार इस कारण लगभग 2,000 रुपये का ट्रैफिक चालान तथा लगभग 7,000 से 8,000 रुपये की टोल राशि उसके खाते से कट गई थी।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना मोहन नगर पुलिस द्वारा वाहन एवं उसके उपयोगकर्ता की पतासाजी की गई। पुलिस टीम द्वारा रजत डोम, हरी नगर के पास वाहन की पहचान कर आरोपी विजय सेन को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी द्वारा वाहन पर दूसरे वाहन का पंजीयन क्रमांक उपयोग करना स्वीकार किया गया तथा उसके कब्जे से संबंधित कार जप्त की गई। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)
आरोपी द्वारा अपने उपयोग में ली जा रही टोयोटा यारिस कार पर अन्य वाहन के वास्तविक पंजीयन क्रमांक CG 07 BZ 5226 को फर्जी तरीके से प्रदर्शित कर सड़क पर उपयोग किया जा रहा था। इस कारण वास्तविक वाहन स्वामी को ट्रैफिक चालान एवं टोल राशि से संबंधित संदेश प्राप्त हुए।
घटना स्थल : रजत डोम के पास, हरी नगर, थाना मोहन नगर क्षेत्र, जिला दुर्ग।
आरोपी का नाम : 1. विजय सेन, उम्र 28 वर्ष, निवासी हरी नगर, दुर्ग।
अपराध क्रमांक एवं धाराएं : अपराध क्रमांक 600/2026, धारा 336(3), 340(2), 345(3), 347(1) BNS।
जप्त सामग्री : 1. टोयोटा यारिस कार, अनुमानित कीमत लगभग ₹3,00,000/-।
सराहनीय कार्य : उक्त कार्यवाही में थाना मोहन नगर पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम द्वारा शिकायत प्राप्त होने के बाद वाहन के पंजीयन क्रमांक के दुरुपयोग की जानकारी का सत्यापन कर संदिग्ध वाहन की पतासाजी की गई तथा आरोपी को वाहन सहित गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही की गई।
दुर्ग पुलिस की अपील : दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अपने वाहन के पंजीयन क्रमांक, नंबर प्लेट एवं वाहन दस्तावेजों का दुरुपयोग होने की जानकारी मिलने पर तत्काल निकटतम थाना अथवा पुलिस को सूचित करें। किसी अन्य वाहन द्वारा आपके वाहन के पंजीयन क्रमांक का उपयोग किए जाने की स्थिति में प्राप्त चालान, टोल अथवा अन्य संदेशों को सुरक्षित रखते हुए पुलिस को उपलब्ध कराएं, ताकि समय पर वैधानिक कार्यवाही की जा सके।




















