सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है। पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शर्मा के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में सरिया पुलिस ने एक गंभीर अपराध का खुलासा करते हुए नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
घटना का विवरण : यह घटना 14 जुलाई 2026 की है, जब पीड़िता रोजाना की तरह घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा आसपास और रिश्तेदारों में काफी तलाश करने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो अगले दिन यानी 15 जुलाई 2026 को सरिया थाने में गुमशुदगी और अपहरण की धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरिया पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम गठित कर अपहृता और आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी।
पुलिस की दबिश और सनसनीखेज खुलासा
निरंतर प्रयासों के बाद पुलिस ने दिनांक 22 अगस्त 2026 को अपहृता को सकुशल बरामद कर लिया। काउंसलिंग के दौरान पीड़िता ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि आरोपी कृष्णा यादव ने उसे अपने जाल में फंसाया तथा शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर नागपुर ले गया। नागपुर में आरोपी द्वारा लगातार कई बार उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए गए।
सरिया पुलिस की सख्त कानूनी कार्रवाई
मामले की गंभीरता और पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने प्रकरण में धारा 65 (1) बीएनएस तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 की गंभीर धाराएं जोड़ीं। इसके पश्चात तत्काल दबिश देकर आरोपी कृष्णा यादव को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया है।
सराहनीय भूमिका : इस गंभीर और संवेदनशील कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली सरिया पुलिस टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक एन.एल. राठिया, प्रशिक्षु उप निरीक्षक गजेन्द्र कुमार, सहायक उप निरीक्षक मोतीलाल डनसेना, प्रधान आरक्षक सुरेन्द्र सिदार, आरक्षक नर्मदा यादव, गीताराम भास्कर, अमृत केवट और महिला आरक्षक सविता यादव शामिल रहे.




















