छत्तीसगढ़

खेत में मिली नवजात बच्ची के उपचार और संरक्षण के लिए आगे आए मंत्री राजेश अग्रवाल

सरगुजा जिले के दरिमा क्षेत्र में खुले खेत में असहाय अवस्था में मिली नवजात बच्ची की खबर सामने आने के बाद पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बच्ची के स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से फोन पर चर्चा कर नवजात को समुचित उपचार उपलब्ध कराने तथा उसकी सुरक्षित देखरेख सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

श्री अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि इतनी छोटी बच्ची के उपचार और देखभाल में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं होनी चाहिए। बच्ची को लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखते हुए आवश्यकता के अनुसार हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उसकी सुरक्षा और आगे के संरक्षण के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

घटना की जानकारी मिलने पर श्री अग्रवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक नवजात बच्ची का इस तरह असहाय अवस्था में मिलना बेहद पीड़ादायक है। इस समय सबसे महत्वपूर्ण उसका जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा है। बच्ची को केवल बेहतर उपचार ही नहीं, बल्कि सुरक्षित वातावरण और भविष्य के लिए आवश्यक संरक्षण भी मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बच्ची के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाए और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुरूप सभी जरूरी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। उसके आगे के संरक्षण और पालन-पोषण से संबंधित प्रक्रिया में भी संबंधित विभाग संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं। दरिमा क्षेत्र में खेत के पास मिली नवजात बच्ची को ग्रामीणों की मदद से उपचार के लिए पहुंचाया गया था। बच्ची को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। उसके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर प्रशासन एवं संबंधित विभागों को आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

अग्रवाल ने बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि यह नन्ही बच्ची जल्द स्वस्थ हो और उसके जीवन में खुशियों की नई सुबह आए। इस मासूम को उपचार के साथ सुरक्षा, संरक्षण और आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित वातावरण मिले, यही हमारी प्राथमिकता है।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
error: Content is protected !!