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छत्तीसगढ़ समेत इन राज्यों में अगले 72 घंटों के दौरान शीत लहर और कोहरे की चेतावनी, बिलासपुर में ठंड का कहर, पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस…

बिलासपुर। उत्तर-पूर्वी हवाओं के प्रवेश करने से बिलासपुर संभाग ठंड की गिरफ्त में आ चुका है। पेंड्रारोड में शीतलहर जैसी स्थिति है। न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। बिलासपुर में रात के साथ दिन में भी ठंडी व शुष्क हवाएं चलने लगी है। दिसंबर में रविवार अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा।

उत्तर भारत के पहाड़ी भागों में हुई बर्फबारी का असर अब छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। तापमान में गिरावट आने लगी है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में शीतलहर की स्थिति निर्मित हो चुकी है।

औसत तापमान से यहां चार डिग्री कम था। पेंड्रारोड में ठंड का असर बिलासपुर में भी देखने को मिला। दिनभर ठंडी हवाएं चली। वहीं शाम होते ही कड़ाके की ठंड ने शहर समेत अंचल को अपनी चपेट में ले लिया।

21 तक कोहरा भी दिखेगा

मौसम वेधशाला लालपुर के विज्ञानी डा. एचपी चंद्रा के मुताबिक प्रदेश में उत्तर-पूर्व से ठंडी और शुष्क हवाओं का आगमन शुरू हो चुका है। प्रदेश में न्यूनतम तापमान में अगले तीन दिनों में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट संभावित है। 19 से 21 दिसंबर को प्रदेश के कुछ इलाकों में सुबह कोहरा छाने की संभावना है। खास तौर से उत्तर छत्तीसगढ़ में यह स्थित बन सकती है। बिलासपुर में अभी ठंड और बढ़ने की संभावना है।

पहाड़ी व तराई क्षेत्रों में पाला

पेंड्रारोड से लगे पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में पेड़ पौधों के ऊपर ओस की बूंदें जमने लगी हैं। कुछ जगहों पर पाला भी देखने को मिल रहा है। यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और विकट होगी। दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में हर साल जबरदस्त ठंड पड़ती है।

प्रदेश में कोरिया जिला सबसे ठंडा

मौसम विभाग की मानें तो प्रदेश में अभी कोरिया जिला सबसे ठंडा है। न्यूनतम तापमान यहां 4.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। शीतलहर के साथ पाला जमने लगा है। फसलों में इसका सीधा नुकसान होगा।

बिलासपुर का तापमान

अधिकतम 23.6

न्यूनतम 11

पेंड्रारोड का तापमान

अधिकतम 20.9

न्यूनतम 6

शीत लहर और कोहरे की चेतावनी दिनांक 20.12.2021

• अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर पश्चिमी भारत (राजस्थान को छोड़कर), मध्य और पूर्वी भारत और महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना नहीं है; उत्तर पश्चिम भारत में 3-5 डिग्री सेल्सियस और उसके बाद मध्य और पूर्वी भारत और महाराष्ट्र में 2-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि।

• अगले 3 दिनों के दौरान राजस्थान और गुजरात राज्य में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे वृद्धि होने की संभावना है और उसके बाद कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होगा।

• अगले 24 घंटों के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीत लहर से गंभीर शीत लहर की स्थिति और अगले 24 घंटों के लिए अलग-अलग इलाकों में शीत लहर की स्थिति जारी रहने की संभावना है। इसके बाद उपरोक्त क्षेत्रों में इसके समाप्त होने की बहुत संभावना है।

• अगले 48 घंटों के दौरान उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, विदर्भ, बिहार, झारखंड में अलग-अलग इलाकों में शीत लहर की स्थिति होने की संभावना है; अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू, कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल में; अगले 72 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ और ओडिशा में और उसके बाद कम होने की संभावना है।

• अगले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर शीत दिवस से लेकर गंभीर शीत दिवस की स्थिति और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में शीत दिवस की स्थिति की संभावना है और उसके बाद इसमें कमी आएगी।

• 23-25 ​​तारीख के दौरान पंजाब और हरियाणा में और 24 और 25 दिसंबर, 2021 को पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा रहने की संभावना है।

• अगले 2 दिनों के दौरान पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान में और अगले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश में अलग-अलग हिस्सों में सुबह के समय पाला पड़ने की संभावना है।

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश का मौसम:

• एक के बाद एक दो पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव में, पहला 22 से और दूसरा 24 दिसंबर, 2021 से, 22 से 25 दिसंबर के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम पृथक/बिखरी बारिश/बर्फबारी होने की संभावना है। 24 दिसंबर, 2021 को पंजाब में अलग-अलग जगहों पर हल्की बारिश की भी संभावना है।

• 21 से 24 दिसंबर के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम छिटपुट / छिटपुट वर्षा होने की संभावना है। 22 और 23 दिसंबर को इस क्षेत्र में अलग-अलग ओलावृष्टि की भी संभावना है।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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