छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद् की बैठक में राज्य के युवाओं और किसानों के हित में दो अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्तावों को औपचारिक स्वीकृति प्रदान की गई है। एक ओर जहाँ भारतीय सशस्त्र बलों से सेवामुक्त अग्निवीर सैनिकों को राज्य की शासकीय सेवाओं में पुनर्वास और रोजगार का बड़ा अवसर देने का निर्णय लिया गया है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के किसानों को खरीफ एवं रबी फसलों के लिए समय पर खाद-उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु उच्चस्तरीय मंत्री-मंडलीय उप समिति के गठन का प्रस्ताव पास किया गया है।
1. अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण
मंत्रिपरिषद् ने पूर्व अग्निवीरों के सम्मानजनक पुनर्वास और रोजगार के लिए ‘छत्तीसगढ़ अग्निवीर सैनिक (राज्य लोक सेवाओं में श्रेणी तीन के पदों की रिक्तियों में आरक्षण) नियम-2026’ बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इन पदों पर मिलेगा लाभ: राज्य की तृतीय श्रेणी के सीधी भर्ती वाले पदों—पुलिस विभाग में आरक्षक (कॉन्स्टेबल), वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में प्रहरी के पदों पर 10% आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
पात्रता शर्तें: इस आरक्षण का लाभ उन अग्निवीर जवानों को मिलेगा, जिन्होंने भारतीय सेना, नौसेना या वायुसेना में 4 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली हो और उनके पास वैध सेवामुक्ति प्रमाण-पत्र (Discharge Certificate) हो।
ऐतिहासिक घोषणा का अनुपालन: यह फैसला मुख्यमंत्री जी द्वारा 26 जुलाई 2024 को राज्य विधानसभा में की गई घोषणा के अनुपालन में लिया गया है।
प्रभाव: इस ऐतिहासिक कदम से न केवल पूर्व अग्निवीरों के लिए स्थायी रोजगार के रास्ते खुलेंगे, बल्कि उनके सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और अनुभव का प्रत्यक्ष लाभ राज्य के पुलिस, वन और जेल प्रशासन को मिलेगा।
2. किसानों के लिए खाद आपूर्ति व वितरण हेतु मंत्री-मंडलीय उप समिति
प्रदेश में खरीफ एवं रबी सीजन के दौरान खाद-उर्वरकों की कोई कमी न हो और वितरण व्यवस्था पारदर्शी व सुचारू रहे, इसके लिए मंत्रिपरिषद् ने मंत्री-मंडलीय उप समिति के गठन के प्रस्ताव को अनुमोदित किया है।
समिति की संरचना: अध्यक्ष: उप मुख्यमंत्री (लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग)।
सदस्य: कैबिनेट मंत्री (कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग), कैबिनेट मंत्री (सहकारिता विभाग) एवं कैबिनेट मंत्री (वित्त विभाग)।
संयोजक: कृषि उत्पादन आयुक्त।
कार्य व अधिकार: यह समिति खाद की उपलब्धता, मांग, आपूर्ति और वितरण से जुड़े सभी पहलुओं की निगरानी करेगी। आवश्यकता पड़ने पर समिति विषय विशेषज्ञों, संबंधित विभागीय अधिकारियों और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर राज्य सरकार को ठोस सुझाव और अनुशंसाएं प्रदान करेगी।




















