बिलासपुर: बिलासपुर पुलिस ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दिनदहाड़े सूने मकानों का ताला तोड़कर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतरजिला चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी निशानदेही पर बिलासपुर और कोरबा जिले के कुल 10 मामलों का खुलासा हुआ है। आरोपियों के कब्जे से करीब 6 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात, नकदी और चोरी के पैसों से खरीदी गई लग्जरी क्रेटा कार व मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं।
खेती-किसानी के समय सूने मकानों को बनाते थे निशाना
पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से बिलासपुर जिले के कोटा, रतनपुर, बेलगहना, पचपेड़ी और बिल्हा क्षेत्र में दिन के वक्त सूने मकानों के ताले तोड़कर अलमारी व पेटियों में रखे जेवर और नकदी चोरी होने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
मामلا गंभीर होने पर पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह ने आरोपियों की जल्द पतासाजी और माल मशरूका बरामद करने के निर्देश दिए। इसके बाद थाना कोटा और एसीसीयू (ACCU) बिलासपुर की संयुक्त टीम का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती मधुलिका सिंह, सीएसपी सुदीप सरकार और एसडीओपी कोटा श्रीमती नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट (Technical Input), सीसीटीवी फुटेज और पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड खंगालने शुरू किए।
कोरबा से पकड़े गए शातिर आरोपी
जांच के दौरान संदेह के आधार पर पुलिस ने कोरबा जिले के मानिकपुर (चैकी मानिकपुर, थाना सिविल कोर्ट/कोतवाली कोरबा) निवासी तीन आरोपियों को हिरासत में लिया:
- विनोद कुमार वासुदेव पिता सुखीराम वासुदेव (उम्र 33 वर्ष)
- भूपेंद्र सिंह राठौर उर्फ गुरुजी पिता चित्रभान सिंह राठौर (उम्र 43 वर्ष)
- राज प्रजापति उर्फ लल्लू पिता बलराम प्रजापति (उम्र 19 वर्ष)
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे साइन मोटर सायकल से ग्रामीण इलाकों में घूमते थे। दोपहर के समय जब ग्रामीण खेती-किसानी या अन्य कामों से घर से बाहर जाते थे, तब वे सूने मकानों को चिन्हित कर ताला तोड़कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
आरोपियों की निशानदेही पर बिलासपुर जिले के विभिन्न थानों के 9 प्रकरण और थाना पाली (जिला कोरबा) का 1 प्रकरण, कुल 10 मामलों का खुलासा हुआ है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी पूर्व में वर्ष 2022-23 में जिला जांजगीर में भी दिन में चोरी के आरोप में जेल जा चुके हैं, और वे मामले विचाराधीन हैं।
चोरी के पैसों से खरीदी क्रेटा कार और बुलेट
गिरफ्तार आरोपियों ने चोरी के रुपयों से संपत्ति अर्जित की थी:
मुख्य आरोपी विनोद कुमार वासुदेव ने चोरी की नकदी रकम से एक सफेद रंग की क्रेटा कार खरीदी थी और उसी चोरी के पैसों से उसकी किस्तें पटा रहा था।
आरोपी राज प्रजापति उर्फ लल्लू ने चोरी के पैसों से अपने चाचा के नाम पर बुलेट मोटरसाइकिल खरीदी थी और उसकी किस्त भर रहा था।
जप्त मशरूका (कुल कीमत करीब 18,81,250 रुपये)
पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
01 सफेद रंग की क्रेटा कार (कीमती करीब 10,00,000 रुपये)
01 बुलेट मोटर सायकल (कीमती करीब 1,50,000 रुपये)
01 होंडा एसपी शाइन मोटर सायकल (कीमती करीब 1,00,000 रुपये)
सोने-चांदी के जेवरात: 10 जोड़ी चांदी की पायल, 1 सोने का मंगलसूत्र, 5 सोने के पत्ती लॉकेट, 5 सोने के पांच-दाना, 4 चांदी की अंगूठियां, 1 जोड़ी सोने के टॉप्स, 2 सोने की फुल्ली, बच्चों का 1 सोने का लॉकेट, 1 चांदी का चाबी छल्ला, 1 चांदी की हाथ पोछनी, 1 बच्चों का चांदी का चूड़ा, 4 चांदी की बिछिया, 1 चांदी का सिंदूर डिब्बा, 2 चांदी के करघन— कुल सोने-चांदी के जेवरात कीमती करीब 6,00,000 रुपये।
गुल्लक का चिल्हर पैसा: 1,250 रुपये
नकदी रकम: 1,30,000 रुपये
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध विधिवत वैधानिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश कर दिया है तथा उनके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड व संपत्तियों की और गहराई से जांच की जा रही है।
सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने में निरीक्षक शशिकांत भारद्वाज (थाना प्रभारी कोटा), उपनिरीक्षक दिलीप साहू, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव, प्र.आर. 195 उमाशंकर राठौर, एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी, उपनिरीक्षक कमलेश बंजारे, प्र.आर. राहुल सिंह, आरक्षक धीरेंद्र तोमर, महादेव कुजुर, भास्कर साहू, अविनाश कश्यप और समर बहादुर का विशेष और सराहनीय योगदान रहा है।




















