यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) आज हर भारतीय के दैनिक जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है। चाहे चाय की टपरी हो या बड़ा शॉपिंग मॉल, लोग कैश के बजाय क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन करके पेमेंट करना पसंद करते हैं। हालांकि, UPI चार्जेस को लेकर समय-समय पर यूजर्स के बीच भ्रम और डर की स्थिति बन जाती है।
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और वित्त मंत्रालय के नियमों के अनुसार आम जनता और व्यापारियों के लिए UPI शुल्क के अलग-अलग नियम तय किए गए हैं।
1. आम यूजर्स के लिए UPI: 100% फ्री
यदि आप एक सामान्य यूजर हैं और अपने बैंक खाते से सीधे पेमेंट करते हैं, तो आपको कोई चार्ज नहीं देना है।
बैंक-टू-बैंक ट्रांसफर (P2P): एक दोस्त या रिश्तेदार से दूसरे के बैंक अकाउंट में पैसे भेजने पर ₹0 चार्ज।
दुकानदार को बैंक से भुगतान (P2M): दुकान पर QR कोड स्कैन करके अपने सेविंग्स या करंट अकाउंट से भुगतान करने पर ₹0 चार्ज।
2. PPI (वॉलेट और क्रेडिट कार्ड) के जरिए मर्चेंट ट्रांजैक्शन
चार्ज केवल प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) यानी मोबाइल वॉलेट (जैसे Paytm Wallet, PhonePe Wallet, Amazon Pay Balance) या UPI RuPay Credit Card के जरिए ₹2,000 से अधिक के व्यापारिक भुगतान (Merchant Transactions) पर लागू होता है।
3. ₹2,000 से ऊपर किस सेक्टर में कितना चार्ज लगेगा?
यदि कोई ग्राहक अपने वॉलेट का उपयोग करके ₹2,000 से अधिक का भुगतान करता है, तो विभिन्न श्रेणियों (Categories) के अनुसार मर्चेंट पर लगने वाला शुल्क इस प्रकार है:
- पेट्रोल पंप / ईंधन (Fuel): 0.5%
- टेलीकॉम, पोस्ट ऑफिस, शिक्षा, उपयोगिताएं (Utilities): 0.7%
- सुपरमार्केट / ग्रोसरी स्टोर्स: 0.9%
- रेलवे (IRCTC Tickets): 1.0%
- म्यूचुअल फंड, बीमा, ऐप-पार्सल, मर्चेंडाइज: 1.1%
UPI फीस से किसकी भरेगी तिजोरी? फोनपे, GPay या बैंक…
UPI ट्रांजैक्शनपर अब शुल्क लगेगा। पर्सन टू मर्चेंट लेन-देन पर 0.4% UPI MDR लगाया गया है। यहां बता दें कि मार्केट में भले ही फोनपे, गूगलपे और पेटीएम जैसे ऐप्स का दबदबा दिखता हो, लेकिन UPI फीस से कमाई के बंटवारे में ये तीसरे नंबर पर हैं। नए नियमों के मुताबिक, UPI ऐप्स (TPAP) को कुल फीस का 20% हिस्सा मिलेगा। बाकी बचा हुआ 10% हिस्सा उन स्पॉन्सर बैंकों को जाएगा, जो इन ऐप्स को बैकएंड सपोर्ट देते हैं।
नोट: वॉलेट लोड करने (Wallet Loading) पर बैंक/वॉलेट प्रदाता द्वारा 0.15% का इंटरचेंज शुल्क (Wallet Loading Fee) लगता है।




















