छत्तीसगढ़

151 गुम मोबाइल बरामद, 35 लाख की संपत्ति लौटाई कोण्डागांव पुलिस का विशेष अभियान..

कोण्डागांव : पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चन्द्रा, IPS के निर्देशन में कोण्डागांव पुलिस द्वारा गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पुलिस की तकनीकी टीम ने लगातार प्रयास करते हुए कुल 151 गुम मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कुल कीमत लगभग ₹35 लाख है। मोबाइल फोन की तलाश के दौरान तकनीकी माध्यमों से उनकी जानकारी एवं उपयोग के स्थानों का पता लगाया गया। कई मोबाइल फोन छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों तथा सीमावर्ती राज्यों में उपयोग किए जा रहे थे। संबंधित स्थानों पर समन्वय स्थापित कर पुलिस द्वारा इन मोबाइलों को बरामद किया गया।

बरामद किए गए मोबाइल फोन पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चन्द्रा, IPS द्वारा उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किए गए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों ने खुशी जाहिर करते हुए कोण्डागांव पुलिस की कार्रवाई की सराहना की और पुलिस का आभार व्यक्त किया। मोबाइल वितरण के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चन्द्रा, IPS ने उपस्थित नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन ठगी के संबंध में जानकारी दी तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने नागरिकों को OTP, UPI PIN, ATM/डेबिट कार्ड की जानकारी, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा फर्जी KYC अपडेट, बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, कस्टमर केयर, डिजिटल अरेस्ट एवं अन्य प्रकार की ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने की अपील की।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इसलिए जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो बिना समय गंवाए तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें तथा नजदीकी पुलिस थाना को भी सूचना दें।

कोण्डागांव पुलिस द्वारा चलाया गया यह अभियान यह संदेश देता है कि मोबाइल गुम होने के बाद उसे वापस पाने की उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। पुलिस की तकनीकी टीम द्वारा उपलब्ध जानकारी के आधार पर मोबाइल को ट्रेस करने का लगातार प्रयास किया जाता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम अथवा चोरी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें तथा IMEI नंबर और मोबाइल खरीदी का बिल सुरक्षित रखें।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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