छत्तीसगढ़

बिलासपुर में शांति, सद्भाव और भाईचारे का संदेश: कलेक्टर और एसएसपी के नेतृत्व में निकला भव्य शांति मार्च

बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर की मूल पहचान – शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे को अक्षुण्ण बनाए रखने के उद्देश्य से शहर में एक ऐतिहासिक शांति मार्च का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की इस संयुक्त पहल में समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और यह स्पष्ट संदेश दिया कि बिलासपुर हमेशा से शांति और एकता का प्रतीक रहा है।

नेहरू चौक से गांधी चौक तक गूंजा शांति का संदेश

​यह शांति मार्च नेहरू चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए गांधी चौक पर संपन्न हुआ। मार्च का नेतृत्व बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री रजनेश सिंह ने किया। पदयात्रा के दौरान अधिकारियों और नागरिकों ने हाथों में शांति एवं सद्भाव के संदेश वाली पट्टिकाएं लेकर लोगों से आपसी प्रेम और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

सर्वसमाज और नागरिकों की रही अभूतपूर्व सहभागिता

​इस आयोजन में किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि पूरे बिलासपुर शहर का मिला-जुला रूप देखने को मिला:

​विभिन्न समाज व समुदाय: शहर के सभी प्रमुख धर्मों, समाजों और सर्व-समुदाय के प्रमुख प्रतिनिधियों ने एक साथ कदम से कदम मिलाकर मार्च किया।

​शांति समिति व प्रबुद्ध जन: शांति समिति के सदस्यों, समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने शहर की फिजा में सकारात्मक ऊर्जा भरने का काम किया।

​मीडिया प्रतिनिधि: मीडिया जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर सामाजिक सौहार्द के इस संदेश को जन-जन तक पहुँचाने में अपना योगदान दिया।

सद्भाव ही बिलासपुर की असली पहचान: कलेक्टर व एसएसपी

​पदयात्रा के समापन अवसर पर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने शहरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिलासपुर की सबसे बड़ी ताकत यहाँ का सामाजिक ताना-बाना और भाईचारा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और शहर में शांति व सामाजिक समरसता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

​इस शांति मार्च ने यह साबित कर दिया कि शहर के नागरिक एकजुट होकर हर परिस्थिति में शांति और आपसी प्रेम की परंपरा को बनाए रखने के लिए संकल्पित हैं।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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