छत्तीसगढ़

बिलासपुर : पंजीयन कार्यालय के भूमि के दस्तावेज में कूटरचना कर बिक्री करने वाले आरोपी को किया गया गिरफ्तार…

आरोपी द्वारा सन् 1972 के पंजीयन दस्तावेज एवं बी - 1 व खसरा में कूटरचित दस्तावेज का किया गया था जमीन के खरीद बिक्री में उपयोग ।

बिलासपुर : आवेदक द्वारा प्रस्तुत शिकायत पत्र की जांच अति पुलिस अधीक्षक महोदय ग्रामीण अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, नगर पुलिस अधीक्षक सिटी कोतवाली बिलासपुर एवं थाना प्रभारी सरकण्डा की संयुक्त टीम द्वारा की गई एवं जांच प्रतिवेदन के आधार पर ग्राम मोपका बिलासपुर के खसरा नं 1859 / 1 रकबा 1 / 03 एकड़ एवं खसरा क 1859 / 1 रकबा 1.30 एकड़ भूमि जो मोपका में स्थित है उक्त भूमि के दस्तावेज विक्रय अभिलेख राजस्व अभिलेख में हीरादास के नाम से दर्ज होना एवं उसके आधार पर भू स्वामी हीरादास के द्वारा दिनांक 10 / 05 / 1972 को अमलदास नामक व्यक्ति को बिक्री किया जाना पाया गया है। जिसका ग्रंथ क्रमांक 9954 एवं दस्तावेज क्रमांक 3191 है तथा ग्राम मोपका का सन् 1972 का इन्डेक्स रजिस्टर में अज्ञात आरोपीयों के द्वारा संबधित कर्मचारी से सांठ गांठ करके कूटरचना किया गया है। कि रिपोर्ट पर से अप0 426 / 22 धारा 420, 467, 468, 471, 34 भादवि अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।

अपराध की गंभारता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ साक्ष्य एकत्र कर मामले में आरोपी अमलदास विश्वकर्मा पिता स्वं मानसिंग विश्वकर्मा जाति लोहार निवासी आमानाला कुरासिया वार्ड नं 34 चिरमिरी तहसील मनेन्द्रगढ थाना चिरमिरी जिला कोरिया छ0ग0 के द्वारा कूटरचित दस्तावेज को असल के रूप में उपयोग कर लाभ अर्जित करना पाये जाने से विधिवत् गिर0 कर माननीय न्यायालय पेश की जाती है। मामले में संलिप्त अन्य आरोपीयों के खिलाफ साक्ष्य एकत्र कर विधिवत् कार्यवाही की जाती है ।

 

 

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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