रायपुर : खुदाई में प्राचीन काल का सोना मिलने का झांसा देकर पीतल के आभूषणों को लाखों रुपये में बेचने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का रायपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एण्टी क्राइम एवं साइबर यूनिट (ACCU) और रायपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के मुख्य आरोपी शंभू राय समेत दो महिला आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों के पास से 9 लाख रुपये नकद, 12 चांदी के सिक्के, पीतल के विभिन्न आभूषण, 4 मोबाइल फोन (कुल जुमला मशरूका कीमत लगभग 12 लाख रुपये) और 4 फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए हैं।
राजधानी के 3 थानों में दर्ज थे मामले, 22.50 लाख की ठगी
पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई से रायपुर के तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई ठगी का खुलासा हुआ है:
न्यू राजेन्द्र नगर (अपराध क्र. 92/26): प्रार्थी महेश कानस्कर से असली सोने का सैंपल दिखाकर 2.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
तेलीबांधा (अपराध क्र. 249/26): प्रार्थी यश मोटवानी को जोरा ओवरब्रिज के पास 2 किलो का नकली हार देकर 10 लाख रुपये ठगे गए।
डी.डी. नगर (अपराध क्र. 390/26): प्रार्थी धवल बडोदरिया को रायपुरा चौक के पास झांसा देकर 10 लाख रुपये की चपत लगाई गई।
तीनों मामलों में कुल मिलाकर 22.50 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने सभी मामलों में बीएनएस की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
ठगी का शातिर ‘तरीका-ए-वारदात‘
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बेहद योजनाबद्ध तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाते थे:
शिकार की पहचान: आरोपी घूम-घूमकर स्टोन (राशि पत्थर) बेचने का काम करते हुए आर्थिक रूप से सक्षम लोगों की पहचान करते थे।
मजदूर बनने का नाटक: खुद को दिहाड़ी मजदूर बताकर पीड़ित से संपर्क करते थे और कहते थे कि उन्हें खुदाई में पुराना सोने का हार व सिक्के मिले हैं।
सैंपल में असली सोना: पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए आरोपी हार से पहले से तैयार रखा गया असली सोने का एक छोटा टुकड़ा तोड़कर जांच के लिए देते थे।
सौदा और फरार: जांच में सैंपल असली निकलने पर पीड़ित झांसे में आ जाता था। इसके बाद आरोपी बहन की शादी या आर्थिक मजबूरी का हवाला देकर कम कीमत में सौदा तय करते, नकद पैसे लेते और पीतल का हार थमाकर फरार हो जाते थे।
करोल बाग से लाते थे पीतल: पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी ठगी में इस्तेमाल होने वाले पीतल के गहने दिल्ली के करोल बाग से खरीदते थे।
देश भर में फैला नेटवर्क, करोड़ों की ठगी की आशंका
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में मुख्य आरोपी शंभू राय ने बताया कि वह गीता गुजराती (चाची) और शांति गुजराती (मोहल्ले की परिचित) को अलग-अलग मामलों में अपनी मां या रिश्तेदार बनाकर ले जाता था ताकि पीड़ितों को शक न हो।
इस गिरोह ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में एक दर्जन से अधिक ठगी की घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूल की है। पुलिस को अंदेशा है कि गिरोह ने देश भर में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है।
गिरफ्तार आरोपी
शंभू राय (पिता: कन्हैया लाल राय, उम्र: 36 वर्ष) — निवासी: कानपुर नगर (उ.प्र.)
गीता गुजराती (पति: स्व. दौलत राम, उम्र: 40 वर्ष) — निवासी: कानपुर नगर (उ.प्र.)
शांति गुजराती (पति: शंकर लाल गुजराती, उम्र: 35 वर्ष) — निवासी: कानपुर नगर (उ.प्र.)
रायपुर पुलिस अब अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और अग्रिम वैधानिक कार्यवाही कर रही है।




















