मस्तूरी : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में राजस्व विभाग से जुड़ा एक कथित रिश्वतखोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले में संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अतिरिक्त कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, मस्तूरी तहसील के अंतर्गत पटवारी पर जमीन बंटवारे और पर्ची सुधार के एवज में अवैध लेन-देन का आरोप लगा है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तत्कालीन पटवारी श्री ऋषिपुरी गोस्वामी (वर्तमान पदस्थापना- पटवारी हल्का नंबर-05, धुर्वाकारी, तहसील-पचपेड़ी) का एक वीडियो सोशल मीडिया और डिजिटल समाचार पोर्टलों पर प्रसारित हुआ है। वायरल वीडियो में आरोप लगाया गया है कि ग्राम-लोहर्सी (पचं.न.-14) में पदस्थापना के दौरान पटवारी द्वारा एक किसान से जमीन के पारिवारिक बंटवारे के नाम पर 50,000 रुपये की मांग की गई थी, जिसमें कथित तौर पर 25,000 रुपये का लेन-देन किया गया। वीडियो में नोटों की गड्डी के साथ बातचीत का यह क्लिप सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।
कलेक्टर का कड़ा एक्शन, 3 दिन में मांगी रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर कार्यालय (भू-अभिलेख शाखा) ने अनुविभागीय अधिकारी (रा.) मस्तूरी को तत्काल निष्पक्ष तकनीकी जांच के निर्देश दिए हैं। निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि:
वायरल वीडियो की सत्यता, तिथि, समय और परिस्थितियों की तकनीकी जांच की जाए।
संबंधित किसान और पटवारी के बयान दर्ज कर पूरी घटनाक्रम की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की जाए।
जांच के दौरान यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो संबंधित पटवारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक और वैधानिक कार्रवाई के लिए 3 दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।




















