छत्तीसगढ़ मौसम अपडेट : बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब और सक्रिय मानसूनी द्रोणिका के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के मध्य हिस्सों में रविवार को भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में रिकॉर्ड वर्षा हुई, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है और धान बोनी का कार्य तेज हो गया है। हालांकि उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अब भी सामान्य से कम बारिश होने के कारण चिंता बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार रायपुर में 154.4 मिलीमीटर, दुर्ग में 181 मिलीमीटर तथा राजिम में 185.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। लगातार बारिश के चलते कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, वहीं नदी-नाले उफान पर हैं।
अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के मध्य और उत्तरी हिस्सों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई है। विभाग ने नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने तथा नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी और सक्रिय मानसूनी तंत्र के कारण फिलहाल बारिश का दौर जारी रहेगा। हालांकि 8 जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता और फैलाव में कुछ कमी आने की संभावना है।
तापमान सामान्य से नीचे
लगातार बारिश के कारण राजधानी समेत प्रदेश के कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है। दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है।
किसानों के लिए राहत भरी बारिश
मानसून की सक्रियता से खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया है, जिससे धान की बोनी का कार्य गति पकड़ रहा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभकारी साबित होगी। हालांकि उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में अब भी वर्षा की कमी बनी हुई है और वहां के किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
कई इलाकों का संपर्क प्रभावित
भारी बारिश के कारण प्रदेश के कई अंदरूनी क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई रपटों और पुलों के ऊपर से पानी बहने की खबरें हैं, जिससे आवागमन बाधित हुआ है। कुछ स्थानों पर राजमार्गों और मुख्य सड़कों पर भी जलभराव की स्थिति देखी गई है।
8 जुलाई के बाद मिलेगी थोड़ी राहत
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना यह सिस्टम अगले 48 घंटों तक छत्तीसगढ़ में पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस दौरान वज्रपात का सबसे ज्यादा खतरा है, इसलिए लोगों को आंधी-तूफान के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा गया है। मौसम विभाग का कहना है कि 8 जुलाई के बाद इस सिस्टम का असर थोड़ा कम होगा, जिससे बारिश की तीव्रता और फैलाव में कमी आएगी और जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो सकेगा।
प्रमुख स्थानों पर दर्ज वर्षा (मिलीमीटर में)
राजिम – 185.8 मिमी
दुर्ग – 181 मिमी
छुरा – 158.3 मिमी
रायपुर – 154.4 मिमी
रायपुर सिटी – 153.1 मिमी
राजनांदगांव – 146 मिमी
पाटन – 144.8 मिमी
गोबरानवापारा – 143.7 मिमी
माना एयरपोर्ट – 138.3 मिमी
अर्जुंदा – 126.5 मिमी
गुंडरदेही – 118.7 मिमी
भिलाई – 115.5 मिमी
कोमाखान – 102.6 मिमी
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जबकि 8 जुलाई के बाद मौसम में कुछ राहत मिलने के संकेत हैं।




















