छत्तीसगढ़

रायगढ़ : पांच साल पुराने अंधे कत्ल मामले में मिली सफलता.. आरोपी के साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में रह रही महिला, हत्या कर फरार था आरोपी…..

रायगढ़ । जिले के लंबित अपराधों को लेकर एसपी अभिषेक मीना बेहद गंभीर रहे हैं । उनके महत्वपूर्ण दिशा निर्देशन एवं मार्गदर्शन पर थाना, चौकी प्रभारियों को अनसुलझे मामलों में लगातार सफलताएं प्राप्त हो रही है । इसी क्रम में एसपी श्री अभिषेक मीना के दिशा निर्देशन तथा एडिशनल संजय महादेवा एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन पर तकनीकी साक्ष्य एवं उपलब्ध संसाधनों का प्रयोग कर पांच साल पुराने अंधे कत्ल के मामले में घरघोड़ा पुलिस ने महिला के हत्यारे को हैदराबाद से हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया गया है, गवाहों के समक्ष आज क्राइम सीन रीक्रिएशन कराकर आरोपी से घटना में प्रयुक्त हथियार (चाकू) एवं अन्य अहम साक्ष्यों की जप्ती कर आरोपी को हत्या एवं हत्या के साक्ष्य छिपाने के अपराध में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है ।

क्या था मामला– थाना घरघोड़ा अन्तर्गत ग्राम कसैया वार्ड क्रमांक 01 में रहने वाने हरिराम राठिया (उम्र 62 वर्ष) ने 23 अक्टूबर को थाना घरघोड़ा में उसके खेत में अज्ञात महिला उम्र करीब 30-35 वर्ष का शव पड़े होने की सूचना दिया था । सूचना पर तत्काल घरघोड़ा पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल पर महिला का शव पड़ा था, महिला की हत्या अज्ञात आरोपी द्वारा गला रेत कर किये जाने के निशान मौजूद थे, मौके से मृतिका का बैग जिसमें उसके कपड़े वगैरह रखे थे, जप्त किया । तत्समय घरघोड़ा पुलिस द्वारा अज्ञात महिला की शिनाख्तगी का काफी प्रयास किया गया जो बेसुध रहा । मर्ग जांच में पीएम रिपोर्ट प्राप्त कर मामले में अज्ञात आरोपी पर हत्या का अपराध दर्ज किया गया ।

अपराध अनुसंधान के दौरान नावापारा टेण्डा, घरघोड़ा में रहने वाली महिला श्रीमति कांतिबाई महंत ने मृतिका का फोटो व जप्तसुदा समानों को देखकर मृतिका की पहचान उसके किराये मकान में रहने वाली काजल महतो के रूप में की । मामले की महत्वपूर्ण गवाह कांतिबाई महंत बताई कि काजल उसके पति अनिल के साथ रहती थी, छठ पूजा गांव में मनायेंगे कहकर दोनों गांव जाने के नाम से निकाले थे । पुलिस दोनों के संबंध में जानकारी जुटाई, पता चला कि दोनों घरघोड़ा क्षेत्र में रेल्वे नवनिर्माण कार्यो में मजदूरी का काम करते थे । दोनों रायगढ़ के ना होकर झारखंड या बिहार के रहने वाले थे ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी धरमजयगढ़ दीपक मिश्रा द्वारा स्वयं अपराध डायरी की समीक्षा कर तत्कालीन थाना प्रभारी घरघोड़ा को महत्वपूर्ण दिशा निर्देशन दिया गया । पुलिस टीम मृतिका और उसके साथ रहने वाले अनिल के संबंध में पूरी जानकारी जुटाने में फोकस कर अपनी जांच को आगे बढ़ाई । जांच दौरान पूर्व में पुलिस टीम डाल्टनगंज (झारखंड) अनिल की पतासाजी में गई थी, अनिल उसके पते से नदारद मिला । एसपी श्री अभिषेक मीना के निर्देशन पर जब संदेही अनिल का लोकेशन सर्विलांस में रखा गया तो पाया गया कि अनिल लगातार अपना मोबाइल नम्बर बदल रहा है । पुलिस तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए संदेही का पता लगाया गया जिसके हैदराबाद में होने की पुख्ता जानकारी मिलने पर तत्काल थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में पुलिस टीम हैदराबाद रवाना हुई । जहां कुछ दिन कैम्प कर आरोपी पतासाजी कर आरोपी को हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया गया ।

संदेही अनिल चंद्रवंशी से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर काजल महतो (उम्र 30 वर्ष) निवासी गढवा (झारखंड) के साथ मित्रता के संबंध होना बताकर घटना कारित करने से साफ इंकार कर दिया, जिससे सख्ती से पूछताछ करने पर स्वयं को विवाहित होना एवं मृतिका काजल महतो के द्वारा अपनाने और साथ रखने का दबाव बनाने पर उसे रास्ते से हटाने के लिये हत्या कर फरार हो जाना बताया और घटना का सम्पूर्ण वृतांत बताया गया ।

आरोपी ने गुनाह कबूला- आरोपी अनिल चंद्रवंशी पिता विनोद चंद्रवंशी उम्र 36 वर्ष सा. मझगवां थाना रोहतास जिला रोहतास (बिहार) के अपराध की स्वीकारोक्ति के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस आरोपी को साथ घटनास्थल लेकर पहुंचे । जहां उसके साथ पूर्व में काम करने वाले एवं किराये मकान मालिक, गवाहों ने अनिल चंद्रवशी को पहचाना । गवाहों के समक्ष पुलिस ने क्राइमसीन री कंन्स्ट्रक्शन कराकर पूरी विडियोग्राफी कराते हुए आरोपी से घटनास्थल के समीप छिपाये हुये, चाकू जप्त किया गया

आरोपी अनिल चंद्रवशी ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2017 में घरघोड़ा में रहकर सेट्रिंग मिस्त्री का काम करता था। इसके साथ रहने वाले दोस्त के माध्यम से काजल महतो निवासी गढ़वा जो कि घरघोड़ा में कहीं रहकर मजदूरी का काम करती थी उसका मोबाईल नंबर मिला । दोनों क्षेत्रीय होने से आपस में बातचीत करने लगे और मिलने लगे । कुछ दिनों बाद काजल साथ रखने का दबाव बनाने पर अनिल उसे अपनी पत्नी बताकर नवापारा टेण्डा में किराया मकान लेकर रहने लगा । दोनों साथ पति-पत्नी की तरह रह रहे थे । इसी बीच अनिल के साढू का एक्सीडेंट होने से गांव चला गया जिसे काजल बार-बार फोन कर घरघोड़ा बुलाती थी और नहीं आने पर स्वयं गांव पहुंचने की धमकी देती थी, जिससे काफी परेशान हो गया । उसने काजल महतो को संबंधों को खत्म करने के लिये बाला किन्तु वो तैयार नहीं थी । अनिल चंद्रवशी माह अक्टूबर 2017 को छठ त्यौहार के लिये अकेले गांव घर जाने तैयारी कर रहा था तो काजल अकेले नहीं जाने दूंगी कहकर जीद की जिसे बिहार साथ ले जाने का दिलाशा देकर उसके हत्या की सजिश रच कर एक चाकू अपने साथ बैग में छिपाकर रखा और दोनों 22 अक्टूबर को किराये घर से पैदल धरमजयगढ़-पत्थलगांव रोड़ तरफ बातचीत करते आगे बढ़े, रात्रि करीब 09.00 बजे घरघोड़ा सरकारी अस्पताल के कुछ दूर आगे सुनसान रास्ते में अनिल ने काजल महतो का गला रेतकर हत्या कर दिया और पकड़े जाने के डर से काजल के कुछ सामनों और खून से सने चाकू और को पानी से धोकर पुल के कुछ दूर खेत किनारे बबुल पेड नीचे मिट्टी खोदकर गाड़ दिया था । आरोपी के मेमोरंडम पर चाकू व अन्य साक्ष्य जप्त किये गये हैं ।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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