छत्तीसगढ़

बिलासपुर रेंज के साइबर थाना में दर्ज ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड के मामले में अंतर्राज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार, अधिक लाभ दिलाने के नाम पर 42 लाख रुपए की ठगी..

बिलासपुर : प्रार्थी आनंद अग्रवाल पिता घनष्याम अग्रवाल उम्र 45 वर्श निवासी नीचेपारा थाना धर्मजयगढ़ जिला रायगढ़ (छ.ग.) को स्टॉक मार्केट में स्टॉक लेने व खरीदने पर मार्केट मूल्य 3,48,40,000/- रूपये फायदा होना बताते हुए किस्तों में पैसा डालने बोलकर कुल 41,06,524/- रूपये ठगी करने की लिखित आवेदन पत्र के आधार पर थाना धर्मजयगढ जिला रायगढ़ में नंबरी अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। प्रकरण में अग्रिम विवेचना हेतु पुलिस महानिरीक्षक महोदय बिलासपुर रेंज बिलासपुर के आदेषानुसार थाना रेंज साइबर बिलासपुर को प्राप्त होने पर विवेचना में लिया गया है। विवेचना के दौरान प्रार्थी से धोखाधड़ी करने वालों के संबंध में तकनीकी विष्लेशण करने पर आरोपी गुजरात के अहमदाबाद, मेहसाणा, खैरालू, मण्डाली, नानीहिरवानी के आस-पास के होने का पता चला जो वरिश्ठ अधिकारियों के निर्देषानुसार विशेष टीम उप निरीक्षक अजय वारे के नेतृत्व में रवाना किया गया टीम के द्वारा गुजरात अहमदाबाद, और महेसाणा जिला के क्षेत्रांतर्गत लगातार पांच दिनों तक कैम्प कर आरोपियों के संबंध में पतासाजी कर ऑनलाईन ठगी का काम करने में 1. हितेष भाई पटेल कृश्णा नगर अहमदाबाद (गुजरात) 2. मनीश पटेल मक्तुपुर, उंझा जिला महेसाणा (गुजरात) 3. ठाकोर सचिन कुमार मण्डाली खैरालू जिला महेसाणा (गुजरात) के संलिप्त होने की पुश्टि होने पर स्थानीय पुलिस के सहयोग से टीम के द्वारा दोनों आरोपियों की घेराबंदी करके पकड़ा गया और उनसे पूछताछ की गई जो अपने अन्य साथियों के द्वारा स्टॉक मार्केट में निवेष कर अधिक लाभ दिलाने तथा अन्य प्रकार से लालच देकर अपने झांसे में लेकर ऑनलाईन ठगी करने में फर्जी सीम व बैंक खाता उपलब्ध कराकर ठगी की रकम आहरण करने का जुर्म करना स्वीकार किया गया। जो आरोपियों को विधिवत् गिरफ्तार कर माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट महोदय,

उंझा जिला महेसाणा (गुजरात) से ट्रांजिट रिमाण्ड प्राप्त कर आरोपियों को लाया गया जहां आरोपियों को मान. न्यायालय बिलासपुर के समक्ष प्रस्तुत कर रिमाण्ड प्राप्त किया जायेगा।

बिलासपुर पुलिस की अपील :-

साइबर ठग आये दिन नये नये तरीको के माध्यम से आम जनता से धोखाधड़ी करने का प्रयास करते है –

शेयर मार्केट में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देने वाले अनजान कॉल से सावधान रहें एवं किसी भी प्रकार के व्हाट्सएप ग्रुप में न जुडे़ और न ही किसी प्रकार की जानकारी साझा करें।

कोई भी व्यक्ति अनजान नम्बर से अपने आप को कस्टम विभाग, पुलिस अधिकारी, सी.बी.आई. अथवा ई.डी. का अधिकारी बताकर बताकर ठगी करने का प्रयास करते है जिसमें पार्सल कैंसल हो गया है पार्सल में 11 नग एटीएम कार्ड ड्रग्स मिला है जिसे कस्टम विभाग द्वारा जप्त किया गया है कहकर ‘‘डिजीटल अरेस्ट’’ के नाम पर ठगी किया जा रहा है इस प्रकार के ठगी से सावधान रहे।

पार्सल के नाम पर मोबाईल नंबर पर कॉल करने कहा जाता है जिससे कस्टमर का कॉल फारवर्ड एक्टिवेट हो जाता है और कॉल तथा मैसेज की जानकारी ठगों के पास चली जाती है तो इस प्रकार के कॉल से सावधान रहे।

किसी भी लुभावने या सस्ती कीमतों पर मिलने वालों सामानों को खरीदते समय नगद कैश, ऑन डिलीवरी) में लेन-देन करें।

अनजान व्यक्ति जिसका नम्बर आपके मोबाईल पर सेव नही है उसके साथ कभी भी कोई निजी जानकारी, बैंकिग जानकारी, ओटीपी, आधार कार्ड, पैन कार्ड फोटो आदि शेयर न करे।

अनजान वेबसाईट एवं अनाधिकृत एप डॉउनलोड या सर्च करने से बचे।

कम परिश्रम से अधिक लाभ कमाने अथवा रकम दुगना करने का झांसा देने वाले व्यक्तियों से सावधान रहे खुद को स्वयं होकर ठगो के पास न पहॅुचाये।

स्वयं की पहचान छुपाकर सोशल मिडीया फेसबुक, इन्स्टाग्राम, व्हाट्सएप इत्यादि के

माध्यम से ईंटिमेट (अश्लील लाईव चैंट) करने से बचे।

परीक्षा में अधिक अंको से पास करा देने की झांसा देने वाले व्यक्तियो खासकर $92

नम्बरो से होने वाले साइबर फ्रॉड की घटना घटित होने पर निम्न प्रकार से त्वरित

रिपोर्ट दर्ज करा सकते है : –

तत्काल नजदीकी थाना में अपनी शिकायत दर्ज करें।

हेल्पलाईन नम्बर 1930 पर सम्पर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते है।

https://cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते है।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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