बस्तर (छत्तीसगढ़): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार दीपावली मनाने छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में पहुंचे। उन्होंने करनपुर स्थित कोबरा (CoBRA) ऑपरेशंस बेस पर तैनात जवानों के साथ दिवाली का पावन पर्व मनाया और देश की सुरक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2026 की यह दिवाली देश के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है। दशकों पुराने माओवादी आतंक और नक्सलवाद के खिलाफ देश की लड़ाई अब पूरी हो चुकी है, और यह पहली दिवाली है जब देश का हर जिला नक्सलमुक्त हो चुका है।
‘नक्सलवाद के पुराने दौर को देश ने परास्त किया’
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक दौर वह भी था जब देश के 20 राज्यों के 230 से ज्यादा जिले नक्सलवाद से बुरी तरह प्रभावित थे। शाम ढलते ही बस्तर और आसपास के इलाकों में जिंदगी थम जाती थी, घरों से निकलना मुश्किल हो जाता था और लोगों से उनका लोकतांत्रिक अधिकार (वोट देने का अधिकार) तक छीन लिया जाता था।
साल 2010 की दंतेवाड़ा हिंसा को याद करते हुए पीएम ने कहा कि CRPF के 76 वीर जवानों के बलिदान और 44 निर्दोष नागरिकों की हत्या से यह धरती लहूलुहान हो गई थी, लेकिन आज सुरक्षाबलों के असीम त्याग और कड़ी तपस्या के बदौलत बस्तर में नक्सली आतंक का कहर खत्म हुआ है और विकास की नई बहार आ चुकी है।
‘सुरक्षाबल ही मेरा परिवार हैं’
दिवाली पर जवानों के बीच पहुंचने की वजह बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “दिवाली अपनों और परिवार के साथ खुशियां बांटने का अवसर है। जो सीमाओं और देश के भीतर रात-दिन भारत माता की रक्षा में डटे हैं, वे सभी जवान मेरे परिवार के सदस्य हैं। 140 करोड़ देशवासी आप सभी वीरों के इस त्याग और समर्पण के लिए आपके ऋणी हैं।”
उन्होंने CRPF, CoBRA, BSF, ITBP, SSB, IRB, राज्य पुलिस, और बस्तर फाइटर्स (महिला व पुरुष जवानों) के योगदान को सराहते हुए कहा कि आंतरिक सुरक्षा मजबूत होने पर ही बाहरी दुश्मन भी देश की तरफ आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं कर पाते।




















