जांजगीर-चांपा : जांजगीर-चांपा और बिलासपुर जिले की सीमा पर बहने वाली लीलागर नदी पर जल्द ही एक नए उच्चस्तरीय (हाई-लेवल) पुल और पहुंच मार्ग का निर्माण शुरू होगा। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए 8 करोड़ 31 लाख 83 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।
इस पुल के बन जाने से बिलासपुर-रायगढ़ मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग 49 / पुराना NH-200) पर मस्तूरी से मुलमुला तथा पामगढ़-शिवरीनारायण क्षेत्र के बीच आवागमन पूरी तरह सुगम और सुरक्षित हो जाएगा।
बारिश में बंद नहीं होगा रास्ता
वर्तमान में लीलागर नदी पर बना पुराना सेतु/रपटा काफी नीचा (जलमग्नीय) होने के कारण मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ते ही जलमग्न हो जाता है। इससे बिलासपुर, मस्तूरी, पामगढ़ और शिवरीनारायण के बीच का संपर्क कट जाता है और लोगों को घंटों लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ता है। नया उच्चस्तरीय पुल बनने के बाद बारिश के दिनों में मार्ग बाधित होने की यह वर्षों पुरानी समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी।
इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
- बिलासपुर-रायगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग 49 के किलोमीटर 25 पर बनने वाला यह पुल क्षेत्र की जीवनरेखा साबित होगा। इससे:
- ग्रामीणों व किसानों: कृषि उपज, मंडी और नजदीकी बाजारों तक पहुंच आसान होगी।
- विद्यार्थियों व दैनिक यात्रियों: स्कूल-कॉलेज और दफ्तरों तक बिना रुकावट आवागमन संभव होगा।
- व्यापारियों व एम्बुलेंस सेवाओं: बिलासपुर और जांजगीर-चांपा के बीच आपातकालीन चिकित्सा और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी।




















