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बिलासपुर में भारी बारिश का Alert: बंगाल की खाड़ी में गहराया अवदाब, अगले 4 दिनों तक झमाझम बरसेंगे बादल, वहीं पेण्ड्रारोड एक ही दिन में बना प्रदेश का सबसे ‘गर्म’ और ‘ठंडा’ शहर!

बिलासपुर। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना मजबूत मानसूनी सिस्टम अब बिलासपुर जिले समेत पूरे संभाग में बारिश की रफ्तार बढ़ाने के लिए तैयार है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब (Depression) अगले 24 घंटों के भीतर और मजबूत होकर गहरे अवदाब (Deep Depression) में बदल सकता है। इसके प्रभाव से बिलासपुर संभाग में अगले 4 दिनों तक तेज मानसून सक्रिय रहेगा और कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

क्यों बन रहे हैं तेज बारिश के आसार?

​मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय एक साथ तीन मुख्य मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जिसके कारण छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में नमी आ रही है:

​उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ता सिस्टम: अवदाब का रुख उत्तर-पश्चिम की ओर होने से छत्तीसगढ़ में लगातार नमी खिंचकर आ रही है।

​मानसूनी द्रोणिका (Monsoon Trough): समुद्र तल पर बनी मानसूनी द्रोणिका सीधी छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रही है।

​ईस्ट-वेस्ट शियर ज़ोन: मध्य भारत के ऊपर ऊपरी हवा में बने इस शियर ज़ोन के कारण बादलों का निर्माण तेजी से हो रहा है।

इन जिलों में दिखेगा सबसे ज्यादा असर

​मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों तक रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होगी। इससे निचले इलाकों और नदी-नालों में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।

​प्रभावित जिले: बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM), कोरबा, जांजगीर-चांपा और सक्ती।

पेण्ड्रारोड में दिखा मौसम का अनोखा संयोग

​रविवार को पेण्ड्रारोड में मौसम का एक दुर्लभ रूप देखने को मिला, जहां यह स्टेशन राज्य का सबसे गर्म और सबसे ठंडा—दोनों दर्ज किया गया।

अधिकतम तापमान: 33.2°C (प्रदेश में सर्वाधिक)

​न्यूनतम तापमान: 22.6°C (अन्य केंद्रों की तुलना में सबसे कम)

​कारण: मौसम वैज्ञानिक बी.आर. चिंधालोरे ने बताया कि पेण्ड्रारोड मैकल पर्वत श्रृंखला के निकट और अधिक ऊंचाई पर स्थित है। बारिश थमने व बादल छंटते ही तेज धूप से तापमान तेजी से चढ़ता है, जबकि घने जंगलों और ऊंचाई के कारण रात में पारा तेजी से गिर जाता है।

प्रशासन व आम जनता के लिए सलाह

​नदी-नालों और रपटों पर पानी का तेज बहाव होने पर पार करने से बचें।

​बिजली चमकने या कड़कने के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे शरण न लें।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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