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मौसम का अलर्ट: तेज आंधी, गर्ज-चमक और भारी बारिश की चेतावनी, 60 से 80 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं..

छत्तीसगढ़ मौसम अपडेट : छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने राज्यवासियों के लिए अलर्ट जारी किया है। आसमान में मंडराते बादलों और उमस के बीच, प्रकृति अपने रौद्र रूप में आने को पूरी तरह तैयार नजर आ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में भारी से अत्यधिक तीव्र आंधी-तूफान, वज्रपात यानी बिजली गिरने और मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है।

मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इस चेतावनी को तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। सबसे गंभीर चेतावनी उन इलाकों के लिए है जहां हवा की खतरनाक रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

रायपुर, बिलासपुर, धमतरी, महासमुंद समेत कई जिलों में रेड अलर्ट

इस श्रेणी में रायपुर, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चंपा, रायगढ़ और बिलासपुर जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। यहां बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ अचानक उठने वाली हवा किसी बड़े नुकसान का कारण बन सकती हैं, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बस्तर, राजनांदगांव,दुर्ग में आरेंज अलर्ट

दूसरी श्रेणी के तहत मध्यम दर्जे के आंधी-तूफान और बारिश का अनुमान जताया गया है, जहां हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। बस्तर संभाग के सुकमा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर के साथ-साथ दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, कबीरधाम, मुंगेली, बेमेतरा और कोरबा जैसे जिलों में इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है। यहाँ भी गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है।

सरगुजा, जशपुर में येलो अलर्ट

तीसरी और हल्की श्रेणी का असर राज्य के उत्तरी और दक्षिणी छोर के जिलों में देखने को मिलेगा, जहां हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है। इनमें बीजापुर, दंतेवाड़ा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जैसे जिले शामिल हैं। हालांकि यहाँ हवा की रफ्तार कुछ कम होगी, लेकिन बादलों का गरजना और हल्की से मध्यम बारिश का दौर यहाँ भी लगातार जारी रहेगा।

सावधानी बरतें लोग

प्रशासन ने इस मौसम चेतावनी को पूरी गंभीरता से लेते हुए आम जनता से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचें। खासकर बड़े पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों के पास या कमजोर छप्पर वाले मकानों में शरण लेने से पूरी तरह परहेज करें।

 

 

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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