छत्तीसगढ़

आकाशीय बिजली एवं सर्पदंश से बचाव को लेकर जिला प्रशासन सतर्क..

- कलेक्टर ने जिले वासियों से की सावधानी बरतने की अपील - वर्षाकाल में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव - मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी - गरज-चमक के दौरान पक्के भवन या बंद वाहन में लें शरण, रात्रि विश्राम के समय जमीन पर सोने से बचें; जिले में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध

वर्षा ऋतु के दौरान आकाशीय बिजली गिरने एवं सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने जिलेवासियों से सतर्कता बरतने की अपील की है। जिला प्रशासन द्वारा जनहानि की संभावनाओं को कम करने तथा लोगों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से नागरिकों को मौसम संबंधी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करने की सलाह दी गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.डी. पैकरा ने आमजनों से अपील करते हुए कहा है कि मौसम खराब होने, तेज गरज-चमक अथवा आकाशीय बिजली की आशंका होने पर तत्काल किसी पक्के भवन या बंद वाहन में शरण लें। उन्होंने खेतों, खुले मैदानों, पहाड़ी क्षेत्रों, जलाशयों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह देते हुए कहा कि मौसम विभाग एवं प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों पर ध्यान दें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर फंस जाए तो दोनों पैरों को साथ रखकर नीचे झुक जाएं, सिर नीचे रखें और हाथों को घुटनों पर रखकर सुरक्षित स्थिति में रहें, किन्तु जमीन पर पूरी तरह लेटने से बचें तथा आसपास मौजूद अन्य लोगों से उचित दूरी बनाए रखें। डॉ. पैकरा ने बताया कि आकाशीय बिजली गिरने अथवा सर्पदंश की स्थिति में तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा या निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क करें। यदि प्रभावित व्यक्ति की सांस अथवा नाड़ी नहीं चल रही हो तो प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा सीपीआर प्रारंभ किया जा सकता है और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाना चाहिए।
सर्पदंश से होने वाली जनहानि की रोकथाम के संबंध में उन्होंने रात्रि विश्राम के समय जमीन पर न सोने की अपील की है। जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. जसवंत दास ने आमजनों से अपील करते हुए कहा कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक अथवा बैगा-गुनिया इत्यादि से इलाज न कराएं, बल्कि प्रभावित व्यक्ति को शीघ्र निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार हेतु ले जाएं। उन्होंने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में एण्टी स्नेक वेनम की दवाइयां उपलब्ध हैं।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि वर्षाकाल के दौरान सावधानी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने तथा गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने का आग्रह किया है।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
error: Content is protected !!