मानसून 2026 :- देश में इस साल मानसून उम्मीद से पहले रफ्तार पकड़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 16 मई 2026 को मानसून की प्रगति रिपोर्ट जारी करते हुए देशवासियों को बड़ी खुशखबरी दी है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आज तय समय से पहले दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ संपूर्ण निकोबार द्वीप समूह और अंडमान द्वीप समूह के कुछ हिस्सों (श्री विजयपुरम सहित) में प्रवेश कर लिया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, परिस्थितियों के पूरी तरह अनुकूल होने के कारण मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। ± 4 दिनों की मॉडल त्रुटि के अनुमान के साथ 26 मई 2026 को मानसून के केरल में दस्तक देने की प्रबल संभावना है।
इन राज्यों में होगी भारी से बहुत भारी बारिश
आईएमडी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में पिछले दो दिनों से व्यापक वर्षा हो रही है। इस क्षेत्र में 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवाएं चल रही हैं और घने बादलों की आवाजाही जारी है। इसके प्रभाव से अगले 3-4 दिनों के भीतर निम्नलिखित क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है:
- उत्तर-पूर्वी भारत (पूरे सप्ताह के दौरान)
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
- दक्षिण भारत: केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक।
मध्य और उत्तर भारत में ‘भीषण ऊष्ण लहर’ (Severe Heat Wave) का प्रकोप
एक तरफ जहां दक्षिण और उत्तर-पूर्वी भारत में मानसून की दस्तक से मौसम सुहाना हो गया है, वहीं उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों को अभी भीषण गर्मी का टॉर्चर झेलना होगा।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मध्य भारत (जिसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के हिस्से शामिल हैं) और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में इस सप्ताह के कई दिनों तक ऊष्ण लहर (Heat Wave) से लेकर भीषण ऊष्ण लहर (Severe Heat Wave) की स्थिति बनी रहेगी। दोपहर के समय लोगों को घरों में रहने और लू से बचने की सलाह दी गई है।
अगले 4 दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, बंगाल की खाड़ी के शेष हिस्सों और पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। केरल में 26 मई को इसके आगमन के बाद जून के शुरुआती हफ्तों में मध्य भारत और छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में प्री-मानसून गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।




















