मानसून 2026:
देश में भीषण गर्मी के बीच राहत भरी खबर सामने आ रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह सिस्टम अगले 3 दिनों में और मजबूत होकर ‘डिप्रेशन’ में बदल सकता है, जो इस साल मानसून की रफ्तार को तेज करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
लो प्रेशर से डिप्रेशन तक का सफर
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना यह सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से दक्षिण भारत के राज्यों—केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक—में प्री-मानसून बारिश की गतिविधियों में भारी तेजी आने की संभावना है। यदि यह सिस्टम अनुकूल बना रहा, तो मानसून इस साल अपनी निर्धारित तिथि से पहले ही दस्तक दे सकता है।
छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में कब पहुंचेगा मानसून?
मौसम विभाग और पिछले मानसून पैटर्न के आधार पर विभिन्न राज्यों में मानसून पहुंचने की संभावित तारीखें नीचे दी गई हैं:
|
राज्य |
संभावित तारीख |
|---|---|
|
केरल |
27 मई से 1 जून |
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कर्नाटक / तमिलनाडु |
1 से 6 जून |
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आंध्र प्रदेश / तेलंगाना |
4 से 12 जून |
|
छत्तीसगढ़ (बिलासपुर सहित) |
10 से 16 जून |
|
महाराष्ट्र / गोवा |
7 से 15 जून |
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ओडिशा / पश्चिम बंगाल |
10 से 16 जून |
|
बिहार / झारखंड |
12 से 20 जून |
|
उत्तर प्रदेश (पूर्वी) |
15 से 22 जून |
|
मध्य प्रदेश |
15 से 22 जून |
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दिल्ली NCR / हरियाणा |
25 जून से 1 जुलाई |
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राजस्थान / पंजाब |
25 जून से 5 जुलाई |




















