छत्तीसगढ़

रायपुर : डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले कर्नाटका और दिल्ली के दो अंतरराज्यीय एवं म्यूल बैंक खाता का एक मुख्य आरोपी सहित कुल 3 आरोपी गिरफ्तार..

रायपुर : पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर रेंज श्री अमरेश मिश्रा द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश देते हुए रेंज साइबर थाना रायपुर को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी तथा ठगी की रकम को चिन्हित कर होल्ड/जप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रकरण 1 प्रार्थी सपन कुमार द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि अज्ञात मोबाइल नंबर धारकों ने स्वयं को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर प्रार्थी के क्रेडिट कार्ड के विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग का झूठा मामला दर्ज होने की बात कहकर भयभीत किया। इसके बाद प्रार्थी को 24 घंटे व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर जुड़े रहने के लिए मजबूर कर तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखते हुए उससे लगभग ₹1.25 करोड़ की धोखाधड़ी कर ली गई।

प्रकरण में थाना विधानसभा में अपराध क्रमांक 22/26 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस एवं 66(D) आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान ठगी की राशि को विभिन्न लेयर के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाना पाया गया, जिसे चिन्हित कर तत्काल प्रभाव से होल्ड कराया गया। आगे की विधिक कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय की प्रक्रिया के माध्यम से ₹60 लाख की राशि लगभग पीड़ित को वापस कराई जा चुकी है। विवेचना के दौरान प्रकरण में संलिप्त मुख्य आरोपियों की पहचान की गई। आरोपी घटना के पश्चात लगातार अपना स्थान बदल रहे थे। गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम द्वारा प्रयास करते हुए आरोपी आर्यन सिंह दिल्ली को गिरफ्तार किया गया है। प्रकरण में पूर्व में भी एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।

प्रकरण 2 प्रार्थीया पुष्पा अग्रवाल द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि अज्ञात मोबाइल नंबर धारकों ने स्वयं को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर प्रार्थीया के विरुद्ध सीबीआई में झूठा मामला दर्ज होने की बात कहकर भयभीत किया। इसके बाद प्रार्थीया को 24 घंटे व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर जुड़े रहने के लिए मजबूर कर तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखते हुए उससे लगभग ₹42 लाख की धोखाधड़ी कर ली गई।

प्रकरण में थाना कोतवाली रायपुर में अपराध क्रमांक 201/25 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस एवं 66(D) आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान प्रकरण में संलिप्त आरोपी की पहचान की गई। आरोपी घटना के पश्चात लगातार अपना स्थान बदल रहा था। उसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम को कर्नाटका रवाना किया गया। पुलिस टीम द्वारा प्रयास करते हुए आरोपी जितेंद्र कुमार को हुबली कर्नाटका को गिरफ्तार किया गया। आरोपी सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का कार्य करता है।

प्रकरण 3 थाना सिविल लाइन रायपुर में अपराध क्रमांक 44/25 धारा-317(2), 317(4), 317(5), 3(5) बीएनएस पंजीबद्ध किया गया था। उक्त अपराध में छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों के पीड़ितों के साथ 36 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज है, जिसमें उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक के 104 म्यूल अकाउंट और मोबाइल सिम संलिप्त हैं। उक्त अपराध की विवेचना रेंज साइबर थाना रायपुर में की जा रही है। विवेचना क्रम में पूर्व में म्यूल बैंक खातों का विश्लेषण कर अपराध में संलिप्त 92 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बैंक एवं मोबाइल सिम सर्विस प्रदाता कंपनियों से प्राप्त दस्तावेजों तथा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आरोपी राजदीप सिंह भाटिया को पूर्व में गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

गिरफ्तार आरोपी : 1 आर्यन सिंह पिता राजेश सिंह उम्र 22 वर्ष वर्तमान पता के आर मंगलम यूनिवर्सिटी गुड़गांव दिल्ली, स्थाई पता धूमनगंज इलाहाबाद उत्तरप्रदेश 2 जितेन्द्र कुमार पिता नागराज उम्र 33 वर्ष स्थायी पता- हुबली धारवाड़ कनार्टका 3 राजदीप सिंह भाटिया उर्फ यश भाटिया पिता बलजीत सिंह भाटिया उम्र 29 वर्ष पता डोंगरगढ़, राजनांदगांव

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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