मुंगेली :- थाना चिल्फी अंतर्गत चौकी डिंडौरी क्षेत्र के ग्राम घानाघाट में दिनांक 30.07.2026 की रात्रि रामचंद पटेल के घर के पास अरूण पटेल उर्फ वेद प्रसाद पटेल पिता शिवराज पटेल उम्र 24 वर्ष, निवासी घानाघाट का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। सूचना पर चौकी डिंडौरी/थाना चिल्फी पुलिस द्वारा मर्ग क्रमांक 17/26 धारा 194 बीएनएसएस के तहत मर्ग जांच प्रारंभ की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल भा.पु.से. के द्वारा ग्राम घानाघाट मे संदिग्ध स्थिति मे शव मिलने से गंभीरता से लेते हुये मर्ग की त्वरित जांच कर वैधानिक कार्यवाही करने निर्देशित किया गया जिसके परिपालन मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत शुक्ला एवं अनुविभागीय पुलिस अधिकारी लोरमी श्रीमती माधुरी धिरही के मार्गदर्शन में चौकी डिन्डौरी एवं थाना चिल्फी पुलिस के द्वारा जांच किया गया।
जांच में पता चला कि लगभग तीन वर्ष पूर्व मृतक अरूण पटेल उर्फ वेद प्रसाद पटेल, आरोपी मुकेश पटेल एवं उसकी पत्नी मनीषा पटेल तीनों मजदूरी करने महाराष्ट्र गए थे और वहां एक ही कमरे में रहते थे। इसी दौरान मृतक एवं मनीषा बाई पटेल के बीच अवैध संबंध स्थापित हो गए। मृतक द्वारा शारीरिक संबंध के दौरान अपने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया गया था। गांव वापस आने के बाद मृतक उक्त वीडियो वायरल करने की धमकी देकर आरोपी मुकेश की पत्नि को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। मृतक की इस हरकत से परेशान होकर पत्नि ने अपने पति मुकेश पटेल को पूरी बात बताई। दोनों ने मृतक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसके द्वारा धमकी एवं ब्लैकमेलिंग जारी रखने के कारण पति-पत्नी ने उसकी हत्या करने की योजना बनाकर आरोपियों ने मृतक को अपने घर बुलाया और दूध में नींद की दवाई मिलाकर पिला दी। दूध पीने के बाद मृतक के बेहोश हो जाने पर आरोपियों ने गमछे से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को रामचंद पटेल के घर के पास फेंक दिया तथा मृतक का मोबाइल फोन और हत्या में प्रयुक्त गमछा मनियारी नदी में फेंक दिया।
मर्ग जांच में हत्या का तथ्य सामने आने पर थाना चिल्फी में अपराध क्रमांक 112/26, धारा 103, 238(ए), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण में आरोपी मुकेश पटेल पिता भैया लाल उम्र 34 वर्ष एवं मनीषा बाई पटेल पति मुकेश उम्र 27 वर्ष दोनों निवासी घानाघाट, चौकी डिंडौरी, थाना चिल्फी, जिला मुंगेली को हिरासत मे लेकर पुछताछ करने पर हत्या करना स्वीकार करने एवं प्रमाणित साक्ष्य पाये जाने से विधिवत गिरफ्तार कर दिनांक 17.08.2026 को न्यायिक रिमाण्ड पर जेल दाखिल किया गया।
उक्त अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में निरीक्षक रघुबीर लाल चंद्रा (प्रभारी, थाना चिल्फी), उपनिरीक्षक मानसिंह (चौकी प्रभारी डिन्डौरी), महिला सउनि रामकुमारी यादव, प्रधान आरक्षक श्याम डहरिया, गुलाब सिंह राजपूत, चिंताराम कश्यप, महिला आरक्षक संगीता बर्मन तथा आरक्षक नमित सिंह, मनोज राजपूत, पवन गंधर्व, बंशी कंवर, संजय पात्रे, नागेश साहू एवं मनीष प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




















