छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। दक्षिण बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए प्रदेश के मध्य और दक्षिण हिस्सों में यलो अलर्ट जारी किया है।
⛈️ रायपुर और बिलासपुर में बदला मिजाज, बढ़ी ठिठुरन
राजधानी रायपुर में सोमवार को हुई बूंदाबांदी के बाद तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। यहाँ अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री रहा, जो सामान्य से कम है। वहीं बिलासपुर में भी दोपहर बाद हुई रिमझिम बारिश ने ठंड का अहसास वापस ला दिया है। बिलासपुर में पारा 2 डिग्री लुढ़ककर 30 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया है, जिससे लोग फिर से गर्म कपड़ों में नजर आने लगे हैं।
🔍 क्यों बदला मौसम? (तकनीकी कारण)
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में दो प्रमुख सिस्टम सक्रिय हैं:
- निम्न दाब क्षेत्र: दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग में समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई तक एक सिस्टम बना हुआ है।
- द्रोणिका (Trough Line): पश्चिम बंगाल से लेकर आंध्र प्रदेश तक ओडिशा होते हुए एक द्रोणिका गुजर रही है।
इन प्रणालियों के कारण प्रदेश में लगातार नमी आ रही है, जिससे बादल छाए हुए हैं और बारिश की स्थिति बनी है।
⚠️ वज्रपात की चेतावनी और सावधानी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों में प्रदेश के एक-दो स्थानों पर वज्रपात (बिजली गिरने) की संभावना है। विशेषकर मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग) के जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
🌡️ आने वाले दिनों का अनुमान
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- अगले 3 दिन: अधिकतम तापमान में 2 डिग्री तक की और गिरावट आ सकती है।
- न्यूनतम तापमान: अगले एक सप्ताह तक रात के तापमान में विशेष बदलाव की उम्मीद नहीं है।
- फरवरी का अंत: जैसे ही यह सिस्टम उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा, आसमान साफ होगा और फरवरी के अंतिम दिनों में गर्मी एक बार फिर वापसी करेगी।
आज का आंकड़ा:
- सबसे गर्म: जगदलपुर (32.7°C)
- सबसे ठंडा: अंबिकापुर (13.0°C)




















