छत्तीसगढ़

करोड़ो रूपये की ठगी करने वाला चिटफण्ड कंपनी का डायरेक्टर कोलकाता से गिरफ्तार..

रायपुर : प्रार्थी पवन कुमार झा निवासी दुलारी वाटिका गायत्री नगर तेलीबांधा सहित अन्य पीड़ितों द्वारा थाना तेलीबांधा में रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि वशंुधरा रियलकाॅन लिमिटेड़ कंपनी नामक चिटफण्ड कंपनी के संचालक संदीप पारोई एवं डायरेक्टर आशीष सरकार द्वारा पीड़ितों को लुभावनी स्कीम का झांसा देकर करोड़ो रूपये जमा करा लिया गया तथा रकम की परिपक्वता तिथि पूर्ण होने पर आरोपियान पीड़ितों को रकम वापस न कर चिटफण्ड कंपनी को बंद कर फरार हो गये। जिस पर आरोपियों के विरूद्ध थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 22/2016 धारा 420, 120 भादवि. निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 10 के तहत् अपराध पंजीबद्ध किया गया।

माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस को चिटफण्ड में संलिप्त फरार डायरेक्टरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर आवश्यक कार्यवाही करने निर्देशित किया गया है। जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय श्री प्रशांत अग्रवाल द्वारा शासन के मंशानुसार रायपुर पुलिस के समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों सहित थाना प्रभारियों को रायपुर में दर्ज चिटफण्ड के प्रकरणों में विशेष रूचि लेकर प्राथमिकता के आधार पर प्रकरणों में संलिप्त डायरेक्टरों की पतासाजी कर गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए है। इसी क्रम में थाना तेलीबांधा में दर्ज उक्त प्रकरण के फरार डायरेक्टरों की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। सायबर सेल एवं थाना तेलीबांधा की संयुक्त टीम द्वारा प्रकरण में आरोपियों की पतासाजी करते हुए प्रकरण में संलिप्त आरोपी संदीप पुरई के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई तथा आरोपी की उपस्थिति चैबीस परगना थाना फालता कोलकाता में होना पाया गया, कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध श्री अभिषेक माहेश्वरी एवं नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाईन श्री विरेन्द्र चर्तुवेदी द्वारा प्रभारी सायबर सेल एवं थाना प्रभारी तेलीबांधा को आरोपी को गिरफ्तार करने निर्देशित किया गया। जिस पर निरीक्षक सोनल ग्वाला थाना प्रभारी तेलीबांधा के नेतृत्व में सायबर सेल एवं थाना तेलीबांधा की 06 सदस्यीय टीम को कोलकाता रवाना किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा चैबीस परगना थाना फालता पहुंचकर आरोपी की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। इसी दौरान टीम के सदस्यों को आरोपी गौरंगो राय जो मुख्य आरोपी संदीप पारोई का सगा मामा है के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई, जो अपनी पहचान छिपाकर छद्म नाम से कलकत्ता के किसी दूसरे कंपनी में काम कर रहा था। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा अपनी पहचान छिपाकर उसी कंपनी के बाहर एजेंट बनकर लगातार 07 दिन तक आरोपी के उपर नजर रखे हुए थे इसी दौरान टीम का एक सदस्य एजेंट बनकर आरोपी गौरंगो राय से संपर्क किया तथा मिलने हेतु बुलाया एवं टीम के अन्य सदस्य आरोपी को पकड़ने हेतु आसपास खड़े हो गए। आरोपी आकर टीम के सदस्य से बात कर रहा था एवं आसपास खड़े अन्य लोगों को देखा तो उसे शक हो गया और वह भागने का प्रयास करने लगा जिसे टीम के सदस्यों द्वारा दौड़ाकर पकड़ा गया। आरोपी गौरंगो राय को गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध अग्रिम कार्यवाही किया गया।

उक्त चिटफण्ड के प्रकरण में आरोपी डायरेक्टर आशीष सरकार की मृत्यु हो चुकी है। संदीप पोराई एवं शहाबुद्दीन खान फरार है। संदीप पोराई के नाम पर करोडा़े की सम्पत्ति एवं दो बड़े होटलों की जानकारी प्राप्त हुई है। संदीप पोराई के विरूद्ध कोलकाता में अलग-अलग थानों में अपराध पंजीबद्ध है।

प्रकरण में शेष फरार आरोपियों की पतासाजी कर गिरफ्तार करने के हर संभव प्रयास किये जा रहे है।

गिरफ्तार आरोपी – गौरंगो राय पिता स्व. सभापत उम्र 42 निवासी नूरपुर थाना रामनगर दक्षिण चैबीस परगना पश्चिम बंगाल।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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