राजनीति

चुनाव आयोग द्वारा टीएमसी का सिंबल फ्रीज: ‘वोट और पार्टी की चोरी’ पर भड़कीं ममता बनर्जी, देशहित में नंदीग्राम व असम में कांग्रेस को समर्थन का दिया हवाला

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी गुटबाज़ी के बीच चुनाव आयोग द्वारा मूल पार्टी नाम और चुनाव चिन्ह ‘जोड़ा घास’ (Flowers & Grass) को फ्रीज किए जाने के बाद राजनीति गरमा गई है। चुनाव आयोग द्वारा दोनों गुटों को अलग-अलग नाम व चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाने के फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है।

​”चुनाव चिन्ह जब्त कर हुई लोकतंत्र की हत्या”

आगामी उपचुनावों के बीच अलग चुनाव चिन्ह दिए जाने और पार्टी के नाम पर लगी रोक से नाराज ममता बनर्जी ने कहा, “यह बहुत दुख की बात है। उन्होंने बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा और बंगाल में वोट लूटे हैं। यह एक ‘झूठी BJP पार्टी’ और ‘जुमला पार्टी’ है। इनका काम सिर्फ देश में लोकतंत्र, संविधान और शिक्षा व्यवस्था को खत्म करना है।”

​पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं और पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमसे पहले महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे को भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा था। मैं ऐसे किसी भी व्यक्ति का सम्मान नहीं करती जो सिर्फ भाजपा के अहंकार को संतुष्ट करने में लगा हो।”

अलग चुनाव चिन्ह मिलने के बीच ‘देशहित’ में कांग्रेस को समर्थन

पार्टी में टूट और चुनाव आयोग द्वारा दोनों धड़ों (ममता बनर्जी गुट और बागी गुट) को अलग-अलग अस्थायी नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाने की पृष्ठभूमि में ममता बनर्जी ने राजनीतिक फैसला लिया है।

​उन्होंने स्पष्ट किया कि नंदीग्राम (पश्चिम बंगाल) और असम की चुनावी सीटों पर भ्रम से बचने और भाजपा विरोधी वोटों का बिखराव रोकने के लिए उनकी पार्टी कांग्रेस का समर्थन कर रही है। ममता बनर्जी ने कहा, “हम नंदीग्राम और असम में कांग्रेस को अपना समर्थन दे रहे हैं। हम यह सब अपने व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि देशहित और लोकतंत्र को बचाने के लिए कर रहे हैं।”

क्या है चुनाव चिन्ह का पूरा मामला?

​पार्टी में विभाजन: तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट और ममता बनर्जी समर्थित गुट दोनों ने खुद को असली TMC बताते हुए दावा ठोका था।

​चुनाव आयोग का फैसला: आगामी उपचुनावों को देखते हुए चुनाव आयोग ने मूल प्रतीक चिह्न को अस्थायी रूप से फ्रीज कर दिया और दोनों समूहों को अलग-अलग नाम व नए चुनाव चिन्ह आवंटित किए।

​रणनीतिक कदम: नया प्रतीक चिन्ह मिलने और वोट बटने की आशंका के बीच ममता बनर्जी ने नंदीग्राम जैसी संवेदनशील सीट पर कांग्रेस के प्रति अपना समर्थन देकर भाजपा को सीधी चुनौती देने का दांव चला है।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
error: Content is protected !!