ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) में जारी अंदरूनी विवाद के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 और ‘चुनाव चिह्न (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968’ के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के लिए नए नाम और नए चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं।
मूल नाम और ‘फूल और घास’ चिह्न के इस्तेमाल पर रोक
निर्वाचन आयोग द्वारा विवाद संख्या 01/2026 में 17 सितंबर 2026 को जारी अंतरिम आदेश के अनुसार, अब कोई भी गुट आधिकारिक तौर पर “ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” नाम और पार्टी का मूल चुनाव चिह्न “Flowers & Grass” (फूल और घास) इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।
दोनों गुटों को आवंटित नए नाम और चुनाव चिह्न:
आयोग ने दोनों गुटों से उनकी पसंद के अनुसार विकल्प मांगे थे। इसके आधार पर पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा राज्यों के लिए निम्नलिखित आवंटन किए गए हैं:
अरूप रॉय गुट:
नया नाम: डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस (Democratic Trinamool Congress)
नया चुनाव चिह्न: लिफ़ाफ़ा (Envelope)
ममता बनर्जी गुट:
नया नाम: ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (Mamata All India Trinamool Congress)
नया चुनाव चिह्न: फुटबॉल खिलाड़ी (Football Player)
उप-चुनाव और उम्मीदवारों के नामांकनों की स्थिति
पश्चिम बंगाल की 70-रेजीनगर और 210-नंदीग्राम विधानसभा सीटों तथा असम की 9-नौगांव संसदीय सीट पर हो रहे उप-चुनावों में फॉर्म-बी (Form-B) को लेकर उत्पन्न भ्रम को दूर करते हुए आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
70-रेजीनगर विधानसभा सीट (पश्चिम बंगाल):
अरूप रॉय द्वारा अधिकृत उम्मीदवार श्री सफिउज्जमान शेख के नामांकन को “डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस” (चुनाव चिह्न: लिफ़ाफ़ा) के उम्मीदवार के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
ममता बनर्जी द्वारा अधिकृत उम्मीदवार श्री रबीउल आलम चौधरी के नामांकन को “ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” (चुनाव चिह्न: फुटबॉल खिलाड़ी) के उम्मीदवार के रूप में मान्यता दी जाएगी।
210-नंदीग्राम विधानसभा सीट (पश्चिम बंगाल):
अरूप रॉय गुट के उम्मीदवार श्री एहतेशमुल हक को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ तथा ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार श्रीमती संचिता प्रधान (दे) को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ के तहत माना जाएगा।
9-नौगांव संसदीय क्षेत्र (असम):
ममता बनर्जी द्वारा अधिकृत उम्मीदवार श्री अब्दुल सलाम के नामांकन को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ के उम्मीदवार के रूप में मान्य किया गया है।
निष्पक्ष चुनाव और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि 17/09/2026 को पार्टी का नाम और सिंबल फ़्रीज़ होने के कारण रिटर्निंग अधिकारियों (ROs) को दोनों उम्मीदवारों के पर्चे खारिज करने पड़ते। इससे मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन होता और चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होती। इसीलिए, 18 सितंबर 2026 (नामांकन जांच की तिथि) को आयोग ने यह विशेष हस्तक्षेप कर उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट की है ताकि चुनाव निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न हो सकें।



















