छत्तीसगढ़

​बीजापुर के ‘डेथ जोन’ में गूँजी मोबाइल की घंटी: पीड़िया में Jio टावर शुरू, ग्रामीणों और जवानों की बढ़ी ताकत

बीजापुर। बस्तर के घोर नक्सल प्रभावित और सुदूर वनांचल क्षेत्र ग्राम पीड़िया के लिए 31 मार्च 2026 की तारीख ऐतिहासिक साबित हुई। बरसों से नेटवर्क के लिए तरस रहे इस अंदरूनी इलाके में आखिरकार Jio का मोबाइल टावर सफलतापूर्वक चालू कर दिया गया है। संचार सुविधा बहाल होते ही ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं इलाके में तैनात सुरक्षा बलों के लिए भी यह एक बड़ी सामरिक जीत मानी जा रही है।

नेटवर्क की कमी से था ‘ब्लैक आउट’

​पीड़िया जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अब तक मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण ग्रामीण दुनिया से कटे हुए थे। आपातकालीन स्थिति हो या स्वास्थ्य सेवा, लोगों को मीलों पैदल चलना पड़ता था। इसके अलावा, क्षेत्र में सर्चिंग पर निकले सुरक्षा बलों को भी आपस में समन्वय (Coordination) बिठाने और मुख्यालय तक सूचना भेजने में भारी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

डिजिटल क्रांति से बदलेगी गांव की तस्वीर

​मोबाइल टावर शुरू होने से पीड़िया और आसपास के ग्रामीणों को अब ये बड़े फायदे मिलेंगे:

  • त्वरित संपर्क: अब किसी भी इमरजेंसी में ग्रामीण तुरंत एम्बुलेंस या प्रशासन को कॉल कर सकेंगे।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य: छात्र ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ पाएंगे और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
  • सरकारी योजनाएं: अब ग्रामीणों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
  • सुरक्षा बलों को मजबूती: नेटवर्क मिलने से सुरक्षा बलों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और नक्सल विरोधी अभियानों में बेहतर तालमेल संभव होगा।

प्रशासन की बड़ी उपलब्धि

​जिला प्रशासन और संचार विभाग के इस साझा प्रयास से अब बीजापुर के अंदरूनी इलाकों में भी ‘डिजिटल इंडिया’ की धमक सुनाई दे रही है। पीड़िया में टावर का शुरू होना इस बात का संकेत है कि अब विकास की लहर घने जंगलों को चीरते हुए अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही है।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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