छत्तीसगढ़

पारिवारिक कलह का खौफनाक अंत: पत्नी, भाई और भतीजे ने मिलकर की हत्या, पुलिस ने ऐसे बेनकाब किया झूठ

पलारी/बिनौरी: छत्तीसगढ़ के ग्राम बिनौरी में हुई संदिग्ध मौत के मामले में पलारी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी, सगे भाई और एक अन्य रिश्तेदार को गिरफ्तार किया है। मृतक रामकुमार साय की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके अपने ही परिवार ने मिलकर गला घोंटकर की थी।

नशा और प्रताड़ना बनी हत्या की वजह

​पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि मृतक रामकुमार साय रोज शराब के नशे में धुत होकर घर आता था और परिजनों के साथ मारपीट व मानसिक प्रताड़ना करता था। रोज-रोज के इस विवाद और शारीरिक शोषण से तंग आकर परिजनों ने उसे रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।

पुलिस की मनोवैज्ञानिक जीत: टूट गया आरोपियों का धैर्य

​घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पूरी तैयारी के साथ बैठे थे और पुलिस के हर सवाल का नपा-तुला जवाब दे रहे थे। हालांकि, पुलिस ने मनोवैज्ञानिक और विश्लेषणात्मक पद्धति का उपयोग करते हुए निरंतर पूछताछ की। भावनात्मक और ‘लीडिंग’ प्रश्नों के जाल में उलझकर आरोपी अपने ही बयानों में फंसते चले गए और अंततः उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

फोरेंसिक साक्ष्य और तकनीकी जांच

​इस अंधे कत्ल को सुलझाने में फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की भूमिका अहम रही। शुरुआती जांच में ही एक्सपर्ट्स ने मौत को संदिग्ध मानते हुए वैज्ञानिक तथ्यों से पुलिस को अवगत कराया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घटना की रात मृतक का भतीजा वहां मौजूद था, जिसे परिजनों ने पुलिस से छुपाने की कोशिश की थी। इसी संदेह ने पुलिस की जांच को सही दिशा दी।

आरोपियों की गिरफ्तारी

​मामले का एक आरोपी हत्या के बाद रायपुर भाग गया था, जिसे पलारी पुलिस ने सूझबूझ से तलब किया और कड़ाई से पूछताछ के बाद उसने भी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

  1. महावीर साय (40 वर्ष): निवासी बिनौरी, थाना पलारी (मृतक का भाई)
  2. श्रीमती मीना बाई साय (36 वर्ष): निवासी बिनौरी, थाना पलारी (मृतक की पत्नी)
  3. वैभव उर्फ अंशु बघेल (19 वर्ष): निवासी बिजराडीह, थाना गिधपुरी (रिश्ते में भतीजा)

परत-दर-परत खुली साजिश

​पलारी पुलिस ने बताया कि प्रकरण में साक्ष्यों को बेहद बारीकी से जोड़ा गया। आरोपियों ने साक्ष्य छुपाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की तत्परता और वैज्ञानिक जांच के आगे उनकी एक न चली। फिलहाल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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