कबीरधाम/बोड़ला: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के प्रसिद्ध रानीदहरा जलप्रपात के पास मिली अज्ञात महिला की लाश की गुत्थी को पुलिस ने महज 120 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने न केवल 48 घंटों में मृतिका की पहचान की, बल्कि मुख्य आरोपी को महाराष्ट्र के पुणे से खदेड़ कर गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस जघन्य हत्याकांड को प्रेम प्रसंग और सामाजिक बदनामी के डर से अंजाम दिया गया था।
मुख्य बिंदु:
- घटनास्थल: रानीदहरा जलप्रपात (थाना बोड़ला)।
- मृतिका की पहचान: सुखमती बैगा, निवासी जिला मुंगेली।
- गिरफ्तारी: मुख्य आरोपी देवेन्द्र प्रसाद जायसवाल (पुणे से), पिता केशव प्रसाद और साथी मनोज पटेल।
- धाराएं: 103(1), 238(क), 61(2) बीएनएस (अपराध क्र. 34/2026)।
प्रेम प्रसंग और बदनामी का डर बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी देवेन्द्र प्रसाद जायसवाल का मृतिका सुखमती बैगा के साथ प्रेम संबंध था। समाज में बदनामी होने के डर से देवेन्द्र ने अपने पिता केशव प्रसाद और दोस्त मनोज पटेल के साथ मिलकर हत्या की एक सुनियोजित साजिश रची।
16 मार्च 2026 की शाम को आरोपियों ने सुखमती को रानीदहरा जलप्रपात घुमाने के बहाने बुलाया और वहां पत्थर से हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को झरने के नीचे फेंक दिया गया था।
तकनीक और फील्ड इन्वेस्टिगेशन का सटीक तालमेल
19 मार्च को शव मिलने के बाद मामला पूरी तरह “ब्लाइंड मर्डर” था। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के निर्देशन और एएसपी पुष्पेंद्र बघेल व अमित पटेल के मार्गदर्शन में विशेष टीमों का गठन किया गया।
- टीम A: कॉल डिटेल्स (CDR) और टावर लोकेशन के तकनीकी विश्लेषण में जुटी।
- टीम B: फील्ड में गवाहों और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही थी।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जब देवेन्द्र जायसवाल का नाम सामने आया, तो पता चला कि वह पुणे भाग चुका है। कबीरधाम पुलिस की एक टीम तत्काल महाराष्ट्र रवाना हुई और आरोपी को धर दबोचा।
डमी पुतले से सीन रिक्रिएट, पिता-पुत्र समेत 3 गिरफ्तार
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना का ‘सीन रिक्रिएशन’ किया। डमी पुतले के माध्यम से यह समझा गया कि आरोपियों ने किस तरह वारदात को अंजाम दिया और साक्ष्य छिपाने की कोशिश की। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- देवेन्द्र प्रसाद जायसवाल (26 वर्ष) – मुख्य आरोपी
- केशव प्रसाद जायसवाल – पिता
- मनोज पटेल (32 वर्ष) – सहयोगी (सभी निवासी: दरवाजा, चौकी खुड़िया, थाना लोरमी, जिला मुंगेली)
पुलिस टीम की सराहना
इस अंधे कत्ल को सुलझाने में बोड़ला थाना प्रभारी निरीक्षक रूपक शर्मा, सायबर सेल और उनकी टीम (गोविंद चंद्रवंशी, प्रहलाद चंद्रवंशी, नन्हे नेताम, वैभव कल्चुरी व अन्य) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।




















