रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ‘संकल्प’ थीम पर आधारित अपना तीसरा बजट पेश किया है। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा पेश किए गए इस बजट में किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। ‘समावेशी विकास’ के तहत राज्य के अन्नदाताओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।
किसानों के लिए बजट के मुख्य आकर्षण:
1. ब्याज मुक्त कृषि ऋण के लिए 300 करोड़
किसानों को खेती की लागत में राहत देने और उन्हें साहूकारों के चंगुल से बचाने के लिए सरकार ने ब्याज मुक्त ऋण योजना के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह कदम किसानों को खरीफ और रबी फसलों के लिए समय पर पूंजी उपलब्ध कराने में मददगार होगा।
2. सहकारिता क्षेत्र का आधुनिकीकरण (CSC और नए गोदाम)
- CSC के रूप में विकास: सहकारी समितियों के कामकाज में विविधता लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब इन्हें कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में विकसित किया जा रहा है।
- नए गोदामों का निर्माण: उपज के सुरक्षित भंडारण के लिए प्रदेश में 50 नए गोदाम बनाए जाएंगे, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
3. सिंचाई सुविधाओं का ऐतिहासिक विस्तार (3,500 करोड़)
सरकार ने कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए सिंचाई के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश किया है:
- पूंजीगत व्यय: जल संसाधन विभाग के पूंजीगत कार्यों के लिए 3,500 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक प्रावधान किया गया है।
- सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग: इस महत्वाकांक्षी परियोजना का आधुनिक लिडार (LiDAR) सर्वे पूरा हो चुका है और इसके लिए 3,047 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
- इंद्रावती नदी पर बैराज: बस्तर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव में 2,024 करोड़ की लागत से बैराज और 68 किमी लंबी नहर को मंजूरी दी गई है, जिससे 32,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी।
- महानदी पर बैराज: मोहमैला-सिरपुर बैराज निर्माण के लिए 690 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
4. अलाईड कृषि और प्रोसेसिंग हब (100 करोड़)
बस्तर और सरगुजा संभागों में खेती के साथ-साथ आय के अन्य स्रोत विकसित करने के लिए विशेष योजना लाई जा रही है:
- एग्रो प्रोसेसिंग: राइस मिल, पोल्ट्री फार्म, बकरी पालन और वनोपज प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का निवेश अनुदान दिया जाएगा।
- लघु इकाइयाँ: बकरी, शूकर और मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने हेतु 15 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं।
5. मत्स्य पालन और पशुधन विकास
- एक्वा पार्क: कोरबा के हसदेव बांगो जलाशय में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए एकीकृत एक्वा पार्क प्रस्तावित है, जिसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान है。
6. कृषि शिक्षा में निवेश
- इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय: राज्य के प्रमुख कृषि विश्वविद्यालय को अनुसंधान और विकास कार्यों के लिए 250 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है।




















