छत्तीसगढ़

बिलासपुर: अरपा नदी के चेक डैम में मिली लाश की गुत्थी सुलझी, लूट की नीयत से हुई थी हत्या

बिलासपुर। शहर की सिटी कोतवाली पुलिस ने अरपा नदी के पचड़ी घाट चेक डैम के पास हुई अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। लूट की नीयत से दो युवकों ने मिलकर 25 वर्षीय राजेंद्र सूर्यवंशी की बेदम पिटाई की और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उसे पुल की रेलिंग से नीचे नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

क्या था पूरा मामला?

​घटना की शुरुआत 15 जुलाई 2025 को हुई थी, जब अरपा नदी चेक डैम के नीचे एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था। थाना सिटी कोतवाली में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई, जिसमें मृतक की पहचान ग्राम नरगोड़ा निवासी राजेंद्र सूर्यवंशी (25 वर्ष) के रूप में हुई।

​शुरुआत में मामला संदिग्ध था, लेकिन पोस्टमार्टम, डायटम रिपोर्ट और विसरा रिपोर्ट के तकनीकी विश्लेषण के बाद यह स्पष्ट हो गया कि राजेंद्र की मौत सामान्य नहीं थी, बल्कि उसकी हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने बीएनएस की धारा 103(1), 309(6), और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।

पुलिस की रणनीति और आरोपियों की गिरफ्तारी

​सीएसपी सिटी कोतवाली गगन कुमार और थाना प्रभारी देवेश सिंह राठौर के नेतृत्व में पुलिस ने टेक्निकल इनपुट और ‘ह्यूमन इंटेलिजेंस’ का जाल बिछाया। संदेह के आधार पर दो युवकों को हिरासत में लिया गया:

  1. विकास उर्फ भोले केवट (20 वर्ष)
  2. शनि उर्फ छोटू गंधर्व (20 वर्ष)

​मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई कड़ी पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

शराब के नशे में लूट और हत्या की खौफनाक वारदात

​आरोपियों ने बताया कि घटना वाली रात वे पचड़ी घाट डैम के दूसरे छोर पर शराब का सेवन कर रहे थे। डैम के रास्ते वापस आते समय उन्होंने राजेंद्र को अकेले बैठे देखा। आरोपियों को लगा कि उसके पास कीमती मोबाइल और नगदी होगी। लूट के इरादे से उन्होंने राजेंद्र के साथ मारपीट शुरू कर दी।

​जब राजेंद्र ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे इतनी बेरहमी से पीटा कि वह अचेत हो गया। पकड़े जाने के डर और साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों ने बेहोश राजेंद्र को पुल की रेलिंग से नीचे नदी में फेंक दिया, जिससे डूबने के कारण उसकी मृत्यु हो गई।

मोबाइल बरामद, आरोपी भेजे गए जेल

​पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस अंधे कत्ल का खुलासा करने में सिटी कोतवाली पुलिस की सक्रियता की सराहना की जा रही है।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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