छत्तीसगढ़

भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजर के साथ हुये धोखाधड़ी के मामले का खुलासा

दुर्ग : दिनांक 24.01.2022 को भारतीय स्टेट बैंक शाखा दुर्ग के बैंक मैनेजर को एक अंजान नंबर से फोन आया की मैं कैलाश मध्यानी वेंकटेश मोटर्स का मालिक बोल रहा हूँ और मुझे अर्जेन्ट में 18 लाख रूपये ट्रान्सफर करने है बैंक पहुँच कर चेक दे देता हूँ । मेरे द्वारा एक ईमेल भी किया गया है आप जल्द से जल्द पैसा ट्रान्सफर करने बोला जिस पर बैंक मैनेजर अनुरंजन ने 18 लाख रूपये आटीजीएस और एनईएफटी के माध्यम अन्जान नंबरो द्वारा दिये गये एकाउण्ट में ट्रान्सफर कर दिये । पुनः संपर्क करने पर सभी नंबर बंद होने से मैनेजर को धोखाधड़ी होने की आशंका हुई जिस पर से थाना मोहन नगर में अप.क. 26 / 2022 धारा 420 भादवि का कायम किया गया ।

मामले में भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजर से थोखाधड़ी की घटना हुई थी तथा राज्य में पहली बार इस तरीका वारदात से घटना घटित हुई थी मामले की गंभीरता को देखते हुये पुलिस महानिरीक्षक श्री ओ.पी. पाल ( भा.पु.से. ) , तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री बी . एन . मीणा ( भा.पु. से . ) द्वारा देश के प्रतिष्ठित बैंक भारतीय स्टेट बैंक साथ हुई घटना के आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने के निर्देश दिये मामले में अति . पुलिस अधीक्षक शहर श्री संजय ध्रुव , नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री जितेन्द्र यादव ( भा.पु.से. ) एवं उप पुलिस अधीक्षक अपराध श्री नसर सिद्धकी के मार्गदर्शन में सायबर सेल को सम्पूर्ण मामले की तकनीकी विश्लेषण कर मामले के अरोपियों को पकड़ने के लिये निर्देशित किया ।

सायबर सेल की टीम द्वारा घटना में मोबाईल नंबरों का विस्तृत जाँच की गई तथा चोखाघड़ी की रकम 18 लाख रूपये के ट्रान्जेक्शन फ्लो की जानकारी सभी संबंधित बैंकों से प्राप्त की गई प्रकरण में दिनांक 24.01.2022 को ठगी गई रकम प्रार्थी बैंक मैनेजर ने आरोपी के द्वारा बताए गए Indusind bank के खाता ( PARAMJIT KAUR ) में एवं ICICI bank के खाता ( MRS . KANTA RANI ) में कुल 1824780.00 Rs ट्रांसफर होना पाया गया , प्राप्त जानकारी के आधार पर उपरोक्त खातों का स्टेटमेंट एवं केवाईसी लिया गया । जिससे पता चला की उक्त खातों से अन्य बैंक खातों में तकरीबन 14 लाख रूपये ऑन लाईन ट्रान्सफर किया गया . है तथा तकरीबन 04 लाख रूपये फरीदाबाद के अलग- अलग एटीएम से निकासी होने का पता चला ।

मामले में अपराध में रकम ट्रान्सफर के लिये उपयोग किये गये खाते जालंधर पंजाब , दिल्ली , हरियाणा , उत्तर प्रदेश के लोगों के नाम पर घटना के कुछ समय पूर्व ही खाते खोले गये है तथा धोखाधड़ी की पूरी रकम इन्ही खातों में ट्रान्सफर होकर निकासी की गई है तथा लाखों की रकम को दिल्ली हरियाणा के अलग अलग स्थानों के एटीएम से कैश विड्राल भी किया गया है । खातों एवं मोबाईल नंबरो के विस्तृत जांच से जालंधर निवासी विकास ढिंगरा के द्वारा अपने कुछ साथियों करन कपूर , राजन कपूर के साथ मिलकर संदिग्ध खातों को खुलवाया है तथा थोखाधड़ी के बाद इसी गिरोह के कुछ सदस्यों द्वारा दिल्ली , हरियाणा के • अलग अलग स्थानों के एटीएम से निकाले गये है । सायबर सेल की टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण से आरोपियों को अलग – अलग चिन्हित किया गया तथा आरोपियों के दिल्ली , हरियाणा में होने की जानकारी प्राप्त हुई जिस पर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बी . एन . मीणा के निर्देश पर दिल्ली , जालंधर के लिये टीम तत्काल रवाना किया गया । टीम को फरीदाबाद स्थित एटीएम से पैसा निकाले जाने की सूचना मिलने पर टीम द्वारा घेराबंदी कर 4 आरोपियों विकास टिंगरा , पुनीत उफ डम्पी , मुन्ना साव तथा पवन मांझी को गिरफ्तार किया गया जो कि अलग – अलग राज्यों के निवासी है । जिन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर बताया कि ये सभी मिलकर संगठित गिरोह के रूप में धोखाधड़ी का काम कर रहे हैं । अलग- अलग राज्यों के लोगों से संपर्क कर कमीशन का लालच देकर खाता खुलवाकर उनके खातों एवं एटीएम का संचालन अपने पास रखते है तथा धोखाधड़ी कर रकम ट्रान्सफर कर रकम निकाल लेते है । गिरोह का सरगना विनय यादव फर्जी नम्बरों से बैंक मैनेजरों एवं शोरूम के कर्मचारियों से संपर्क कर उन्हें अपनी बातों में उलझा कर रकम ट्रान्सफर कर धोखाधडी करता है जिसे गिरोह के अन्य सदस्यों द्वारा रकम को निकाल कर आपस में बंटवारा कर लेते है । इस गिरोह द्वारा देश के अलग अलग राज्यों में घटना कर धोखाधड़ी करने की जानकारी प्राप्त हुई हैं जिससे अन्य राज्यों के पुलिस से संपर्क किया जा रहा है । इनसे संबंधित बैंक खातों को फ्रिज किया गया है जिसकी जाँच की जा रही है । पूर्व में ये सभी आरोपी घण्टाघर गाजियाबाद में धोखाधड़ी के मामले में एक साथ है गिरफ्तार हो चुके है । आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया जा रहा है।

मामले में इनकी भूमिका सराहनीय रही निरीक्षक गौरव तिवारी प्रभारी सायबर सेल , निरीक्षक संतोष मिश्रा थाना प्रभारी बोरी , निरीक्षक जितेन्द्र वर्मा थाना प्रभारी मोहन नगर , उप निरीक्षक व्यास सिंह परमार , उप निरीक्षक पवन देवांगन , सउनि अशोक साहू , सउनि पूरनदास , प्र . आर . सूरज पाण्डेय , आरक्षक जुगनु सिंह , अनुप शर्मा , रिन्कू सोनी , उपेन्द्र यादव , शहबाज खान , फारूक खान , सनत भारती , सायबर सेल से सउनि शमित मिश्रा , प्र . आर . चन्द्रशेखर बंजीर , आरक्षक विजय शुक्ला , जावेद खान , निखिल साहू , विक्रान्त यदु , अभय राय , सुरेश दिनेश विश्वकर्मा , म . आर . आरती सिंह चौबे ।

आरोपीगण :

1. विकास ढ़ीगरा पिता स्व ० सूरदर्शन ढ़ीगरा उम्र 39 साल पता- क्या 0 न 066 विकासपुरी जालघर , पंजाब

2. पुनित गौतम पिता स्व 0 गजेन्द्र गौतम 25 साल पता क्यानं ० 140 गली नंब 0 17 इन्द्रा काम्पलेक्स नहरपार जिला फरीदाबाद ( हरियाणा )

3. मुन्ना साव पिता लक्ष्मण साव साकिन वार्ड नं 0 10 रूम नं 0 1074 पोष्ट बैडेल जिला हुगली थाना मोगरा ( प.बं. )

4. पवन मांझी पिता रामरतन मांझी 26 साल पिता ग्राम पड़वा थाना बड़रिया जिला सिवान ( बिहार )

फरार आरोपी :

1. विनय यादव निवासी फरीदाबाद हरियाणा

2. करन कपूर निवासी जालंधर , पंजाब

3. राजन कपूर , निवासी जालंधर , पंजाब

जप्त मशरूका : 

1. 1.5 लाख रूपये नगद

2. 07 नग विभिन्न बैंको के एटीएम कार्ड

3. अलग – अलग बैंको के दस्तावेज

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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