बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट (चकरभाठा) ने आज विमानन क्षेत्र में एक बड़ी लंबी छलांग लगाई है। लंबे इंतजार के बाद, आज एयरपोर्ट पर रात्रिकालीन उड़ान (नाइट लैंडिंग) का पहला सफल ट्रायल संपन्न हुआ। स्टेट प्लेन के माध्यम से किए गए इस परीक्षण ने बिलासपुर को हवाई सेवाओं के एक नए युग में प्रवेश करा दिया है।
तकनीकी मानकों पर खरा उतरा एयरपोर्ट
आज शाम किए गए इस ऐतिहासिक ट्रायल के दौरान सुरक्षा और संचालन के सभी पैमानों की बारीकी से जांच की गई। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, ट्रायल पूरी तरह सफल रहा। परीक्षण के दौरान निम्नलिखित तकनीकी मानक संतोषजनक पाए गए:
- रनवे लाइटिंग सिस्टम: रात के अंधेरे में रनवे की दृश्यता और लाइटों का तालमेल।
- एप्रोच लाइट्स: विमान को रनवे की सही दिशा दिखाने वाली लाइटों का सटीक संचालन।
- एयर ट्रैफिक समन्वय: एटीसी (ATC) और पायलट के बीच निर्बाध संवाद।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस ऐतिहासिक अवसर पर एयरपोर्ट डायरेक्टर श्री एन. बिरेन सिंह, क्षेत्रीय निदेशक नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (रायपुर) सहित एयरपोर्ट के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे बिलासपुर के विकास के लिए एक ‘मील का पत्थर’ बताया।
विकास को मिलेगी नई रफ़्तार
अधिकारियों ने बताया कि नाइट लैंडिंग की सुविधा शुरू होने से न केवल यात्रियों को अधिक उड़ानों के विकल्प मिलेंगे, बल्कि देर शाम और रात की कनेक्टिविटी से क्षेत्र के औद्योगिक, व्यावसायिक एवं पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी। अब खराब मौसम या कम दृश्यता के दौरान भी उड़ानों के रद्द होने की संभावना कम हो जाएगी।
”नाइट लैंडिंग सुविधा का सफल परीक्षण बिलासपुर के लिए एक बड़ी जीत है। आवश्यक औपचारिकताओं और अंतिम स्वीकृतियों के बाद बहुत जल्द नियमित नाइट फ्लाइट्स का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।” — एयरपोर्ट प्रशासन
आगे क्या?
सफल ट्रायल के बाद अब एयरपोर्ट प्रबंधन रिपोर्ट को अंतिम मंजूरी के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) को भेजेगा। नियमित नाइट लैंडिंग शुरू होने से आने वाले समय में बिलासपुर से मेट्रो शहरों के लिए सीधी और देर रात की फ्लाइट्स मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।




















