भिलाई/दुर्ग : भिलाई के छावनी क्षेत्र स्थित सिटी यूनियन बैंक में धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक शातिर जालसाज ने नकली सोने के आभूषणों पर फर्जी हॉलमार्क अंकित कर बैंक से भारी-भरकम ऋण (Gold Loan) लेने का प्रयास किया। हालांकि, बैंक प्रबंधन की सतर्कता और दुर्ग पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना सिटी यूनियन बैंक, नंदिनी रोड छावनी शाखा की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी बैंक में सोने के आभूषण गिरवी रखकर लोन लेने पहुँचा था। उसने जो आभूषण प्रस्तुत किए, उन पर 833 एवं 916 कैरेट के फर्जी हॉलमार्क अंकित थे, ताकि बैंक को गुमराह किया जा सके कि सोना असली और उच्च गुणवत्ता का है।
जब बैंक के गोल्ड वैलुअर (स्वर्ण पारखी) ने 113 ग्राम वजनी इन आभूषणों की बारीकी से जांच की, तो परतें खुलनी शुरू हुईं। जांच में पाया गया कि आभूषण पूरी तरह से नकली थे और उन पर लगे हॉलमार्क के निशान भी कूटरचित (Forged) थे।
पुलिस की कार्रवाई और धाराएं
बैंक की शिकायत पर छावनी थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई है:
- धारा 318(4): धोखाधड़ी (Cheating) के लिए।
- धारा 336(2): कूटरचित दस्तावेज या चिह्नों का उपयोग।
- धारा 62: अपराध के प्रयास से संबंधित प्रावधान।
दुर्ग पुलिस की अपील
इस घटना के बाद दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों और वित्तीय संस्थानों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने अपील की है कि:
”किसी भी प्रकार के संदेहास्पद आभूषण या कूटरचित दस्तावेजों के मामले सामने आने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। धोखाधड़ी और जालसाजी करने वाले गिरोहों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया जाएगा।”




















