छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ प्रॉपर्टी रजिस्ट्री: 2 मार्च से बदल रहे हैं जमीन-मकान खरीदने के नियम, जानें आपकी जेब पर क्या होगा असर

छत्तीसगढ़ में संपत्ति की खरीद-फरोख्त करने वालों के लिए 2 मार्च 2026 की तारीख बेहद अहम होने वाली है। राज्य सरकार और पंजीयन विभाग (Registration Department) ने रजिस्ट्री की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और राजस्व की विसंगतियों को दूर करने के लिए कई बड़े बदलावों को हरी झंडी दे दी है।

​अगर आप कल या उसके बाद जमीन, मकान या फ्लैट की रजिस्ट्री कराने की योजना बना रहे हैं, तो इन 5 बड़े बदलावों को विस्तार से समझ लें:

1. नई कलेक्टर गाइडलाइन दरें प्रभावी (New Circle Rates)

2 मार्च से राज्य के कई प्रमुख शहरों और उनके आस-पास के ग्रामीण इलाकों में नई गाइडलाइन दरें लागू हो रही हैं।

​शहरी क्षेत्रों में बढ़ोतरी: रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे शहरों के प्राइम लोकेशन पर जमीनों के सरकारी रेट में 5% से 15% तक की वृद्धि देखी जा सकती है।

​अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी: गाइडलाइन रेट बढ़ने के कारण अब आपको रजिस्ट्री के समय अधिक स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस चुकानी होगी।

2. महिलाओं के लिए 50% छूट का नया प्रावधान

​बजट 2026-27 की घोषणा के अनुरूप, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने पर रजिस्ट्री शुल्क में 50% की भारी छूट का लाभ अब नई प्रक्रिया के तहत मिलना शुरू होगा। यह नियम उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो अपनी पत्नी, माता या बेटी के नाम पर निवेश करना चाहते हैं।

3. अनिवार्य ई-केवाईसी (E-KYC) और आधार लिंकिंग

​धोखाधड़ी और फर्जी रजिस्ट्री पर लगाम लगाने के लिए अब बायोमेट्रिक ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है।

​अब खरीदार और विक्रेता दोनों को पंजीयन कार्यालय में उपस्थित होकर अपने फिंगरप्रिंट के जरिए आधार प्रमाणीकरण करना होगा।

​इसके बिना रजिस्ट्री के कागजात आगे नहीं बढ़ेंगे। इससे ‘बेनामी संपत्ति’ के मामलों में कमी आने की उम्मीद है।

4. ‘कारपेट एरिया’ के आधार पर फ्लैट की रजिस्ट्री

​अब तक फ्लैट्स की रजिस्ट्री में ‘सुपर बिल्ट-अप एरिया’ को लेकर काफी भ्रम रहता था। 2 मार्च से लागू हो रहे नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब फ्लैट्स का मूल्यांकन कारपेट एरिया (वास्तविक उपयोग योग्य क्षेत्र) के आधार पर किया जाएगा। इससे मध्यम वर्ग को फ्लैट खरीदते समय लगने वाले अतिरिक्त टैक्स से राहत मिलेगी।

5. ऑनलाइन स्लॉट और डिजिटल भुगतान

​अब मैन्युअल टोकन सिस्टम को पूरी तरह खत्म कर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट को सख्ती से लागू किया जा रहा है। साथ ही, 20,000 रुपये से अधिक के सभी स्टाम्प और फीस का भुगतान केवल ऑनलाइन मोड या ई-चालान के जरिए ही स्वीकार किया जाएगा।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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