बिलासपुर/छत्तीसगढ़: आगामी कृषि सीजन और मानसून के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने समय सीमा (TL) की बैठक में स्पष्ट किया है कि किसानों को खेती के लिए आवश्यक खाद और उन्नत बीजों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब हर शाम 6 बजे होगी समीक्षा
कलेक्टर ने खाद-बीज की सुचारू आपूर्ति के लिए एक विशेष व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। अब से प्रतिदिन शाम 6 बजे जिले में खाद और बीज की मांग और इसकी वास्तविक आपूर्ति की गहन समीक्षा की जाएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य समितियों और सोसाइटियों में खाद-बीज का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना है, ताकि किसानों को ऐन वक्त पर किसी भी तरह की किल्लत या परेशानी का सामना न करना पड़े।
जल संरक्षण के लिए अगले 15 दिन ‘विशेष अभियान’
बैठक में आगामी वर्षा ऋतु (मानसून) को ध्यान में रखते हुए जल प्रबंधन पर भी एक बड़ा फैसला लिया गया। भूजल स्तर को सुधारने और जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए जिले में अगले 15 दिनों तक एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत:
- भूजल संरक्षण और वाटर रिचार्जिंग के कार्यों में तेजी लाई जाएगी।
- पुराने जल स्रोतों की मरम्मत और नए सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया जाएगा।
- ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जल संचय की तकनीकों को युद्ध स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा: लंबित मामलों को तुरंत निपटाने के आदेश
खेती और पानी के अलावा कलेक्टर ने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी और फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की भी बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े लहजे में कहा कि जनता से जुड़े मामलों में लेटलतीफी नहीं होनी चाहिए। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित योजनाओं पर चर्चा हुई:
- सुशासन तिहार: इसके तहत मिले आवेदनों और जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण।
- स्वामित्व योजना: ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि के सर्वेक्षण और अधिकार अभिलेखों (पट्टा) के वितरण में तेजी लाना।
- एग्रीस्टैक (AgriStack) पंजीयन: किसानों के डिजिटल डेटाबेस और पंजीयन के कार्य को समय पर पूरा करना।
- पीएम सूर्यघर योजना: सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन सभी योजनाओं के तहत जितने भी प्रकरण लंबित हैं, उनका त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए ताकि आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।




















