छत्तीसगढ़ मौसम अपडेट : दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में दस्तक देने के बाद अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसका असर प्रदेश में भी दिखने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार यदि वर्तमान परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो मानसून 15 जून तक प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। अगले कुछ दिनों में कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। गुरुवार को प्रदेश में रायपुर और राजनांदगांव सबसे गर्म शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री दर्ज किया गया।
हालांकि शाम के समय बादलों की आवाजाही और हवाओं की रफ्तार बढ़ने से मौसम में बदलाव महसूस किया गया। दूसरी ओर बीजापुर, अंबिकापुर, मैनपाट और पेंड्रारोड में बारिश के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना रहा। यहां सुबह-शाम ठंडी हवाएं चलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में सरगुजा संभाग के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। रायपुर में न्यूनतम तापमान 30 डिग्री के पार पहुंचने से लोगों को रात में भी गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि बादलों की मौजूदगी के बावजूद गर्म हवाओं का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
केरल को पार कर आगे बढ़ा मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार को केरलम में दस्तक दी और वहां झमाझम बारिश हुई। सामान्यतः केरलम में मानसून एक जून को पहुंचता है, लेकिन इस बार इसका आगमन तीन दिन की देरी से हुआ। पहले दिन ही पूरे राज्य को कवर कर यह आगे बढ़ने लगा है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि रफ्तार अगर ऐसी ही रही तो 15 जून तक छत्तीसगढ़, बंगाल, बिहार और झारखंड के कई इलाकों में भी बारिश शुरू हो सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, उप्र, राजस्थान और मप्र समेत कई राज्यों में मौसम बदला रहा। नोएडा और गाजियाबाद में 80 किमी की रफ्तार से चली आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया।
पंजाब, हिमाचल और उत्तराखंड में ओलावृष्टि पंजाब के कई जिलों में आंधी के साथ वर्षा और ओलावृष्टि हुई। वहीं हिमाचल के शिमला, मंडी और कांगड़ा के अलावा उत्तराखंड में देहरादून और मसूरी समेत कई क्षेत्रों में भी अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि का दौर चला।




















