छत्तीसगढ़

किसानों से उर्वरक का अग्रिम उठाव करने की अपील, नहीं लगेगा कोई ब्याज, 22,500 मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य तय..

बिलासपुर, 18 फरवरी 2026 : खरीफ वर्ष 2026 की खेती को सुचारू एवं समयबद्ध रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा रासायनिक उर्वरकों के अग्रिम उठाव की प्रक्रिया 1 फरवरी से शुरू हो गई है जो 31 मई 2026 तक चलेगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य खरीफ मौसम के दौरान किसानों को उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना, संभावित कमी से बचाव करना तथा वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखना है।

विभाग द्वारा इस वर्ष कुल 22 हजार 500 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें 10 हजार 500 मीट्रिक टन यूरिया, 5 हजार 700 मीट्रिक टन डीएपी, 3 हजार 800 मीट्रिक टन एनपीके, 500 मीट्रिक टन एमओपी तथा 2 हजार मीट्रिक टन एसएसपी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। अग्रिम उठाव कार्यक्रम के अंतर्गत उर्वरकों का वितरण सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। शासन द्वारा किसानों को राहत देते हुए यह निर्णय लिया गया है कि 1 फरवरी से 31 मई 2026 तक अग्रिम रूप से उठाए गए उर्वरकों पर किसानों से किसी भी प्रकार का ब्याज नहीं लिया जाएगा, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा और वे बिना अतिरिक्त वित्तीय बोझ के समय पर आवश्यक उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। कृषि विभाग ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे खरीफ मौसम की तैयारी को ध्यान में रखते हुए अपनी नजदीकी सहकारी समिति से समय रहते उर्वरकों का अग्रिम उठाव कर लें, ताकि सीजन के दौरान संभावित कमी, भीड़, वितरण अव्यवस्था और विलंब जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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