छत्तीसगढ़

रायगढ़ : तोलमा में नाबालिग बालिका की हुई हत्या की गुत्थी सुलझी, बेरहम पिता, बालिका के साथ मारपीट कर गला दबाकर किया हत्या, पत्नी और बेटी की घटना में संलिप्तता…

परिवार 07 दिन बाद आया थाने में दर्ज कराने बालिका का गुम रिपोर्ट, दो सप्ताह से लगतार जांच में लगी रही पुलिस टीमें

रायगढ़ : कल दिनांक 22.04.2021 को पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह धरमजयगढ़ व #लैलूंगा के दौरे पर थे, इस दौरान थाना लैलूंगा के आकस्मिक निरीक्षण पर तोलमा में नाबालिग की हत्या मामले की जांच पड़ताल की प्रगति देखे और जांच में लगी टीम को संदेहियों से पूछताछ के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिये । निर्देशों के पालन में आज हत्याकांड में शामिल बालिका के माता-पिता व बड़ी बहन को लैलूंगा पुलिस गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है ।

जानकारी के मुताबिक दिनांक 31.03.2021 को ग्राम तोलमा निवासी जगदीश टोप्पो पिता भाकूराम टोप्पो उम्र 50 वर्ष थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 23.03.2021 के शाम करीब 5:00 बजे इसकी छोटी लड़की आईलिन टोप्पो (15 वर्ष) से बड़ी बेटी अल्का टोप्पो (20 वर्ष) मोबाईल मांगी, आईलिन मोबाइल नहीं दी तो अल्का जाकर पिता जगदीश से शिकायत की, इसी बात से नाराज होकर आईलिन घर से कहीं चली गई है, रिपोर्टकर्ता जगदीश टोप्पो के रिपोर्ट पर थाना लैलूंगा में आईलिन टोप्पो के गुम इंसान तथा अपराध क्रमांक 106/2021 धारा 363 भादवि का अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया ।

बालिका की पतासाजी दौरान दिनांक 02.042021 को ग्राम तोलमा के पास जसमन नाला के पास एक बालिका का शव मिला शव के पास एक स्वेटर तथा काले रंग का लेगिज पड़ा हुआ था, शव की शिनाख्त आईलिन टोप्पो के रूप में हुई । घटना के संबंध में मर्ग क्रमांक 35/2021 धारा 174 CrPC कायम कर जांच पंचनामा कार्यवाही में लिया गया । पुलिस अधीक्षक द्वारा गुम नाबालिक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाए जाने पर SDOP धरमजयगढ़ सुशील नायक, एफएसएल अधिकारी आर.के. पैंकरा, साइबर सेल स्टाफ, क्राईम सीन रिक्रिएशन स्टाफ तथा डॉग स्क्वाड को घटनास्थल जाकर लैलूंगा पुलिस के साथ अज्ञात आरोपी पतासाजी का निर्देश दिया गया । शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर प्रकरण में धारा 302 भादवि जोड़ी जाकर विवेचना टीम अज्ञात आरोपी की पतासाजी में लग गई ।

नाबालिग की हत्या के संवेदनशील प्रकरण में एसडीओपी धरमजयगढ़ के साथ डीएसपी अंजू कुमारी, थाना प्रभारी लैलूंगा निरीक्षक एलपी पटेल, थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक किरण गुप्ता, प्रधान आरक्षक सोमेश गोस्वाती, आरक्षक जॉन प्रकाश टोप्पो चौकी रैरूमा, डेहरू उरांव (धरमजयगढ़) तथा लैलूंगा थाने के उपनिरीक्षक बीएस पैकरा, सहायक उप निरीक्षक जेपी बंजारे, विजय गोपाल, प्रधान आरक्षक जयशरण चंद्रा, आरक्षक मयाराम राठिया, अमरदीप एक्का, जुगित राठिया, हेलारियुस तिर्की, इलियास केरकेट्टा, पुष्पेन्द्र मराठा, प्रमोद भगत, विभूति सिंह, चमरसाय पिछले दो सप्ताह से पुलिस अधीक्षक एवं एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण दिशा निर्देशों पर घटना को लेकर हर पहलुओं पर पुलिस की टीम सूक्ष्मता से जांच कर करते हुये संदिग्धों से पूछताछ कर रही थी किन्तु पुलिस टीम सफलता से कुछ ही दूर थी ।

इसी दरम्यान महत्वपूर्ण गवाह बताया कि मृतिका की बड़ी बहन अल्का से उसकी अच्छी जान पहचान है । उसे अल्का से यह बात पता चला कि आईलिन (मृतिका) का पिता जगदीश टोप्पो ही गुस्से में आकर उसे मारा तो उसकी मौत हो गई , जिसके बाद पुलिस टीम जगदीश टोप्पो को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ किया गया, तब आरोपी जगदीश टोप्पो अपनी बेटी की हत्या करना कबूल किया तथा हत्या को छिपाने में उसकी पत्नी व बेटी द्वारा सहयोग करना बताया है तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

विवेचना में पाया गया कि दिनांक 23.03.2021 को आईलिन शादी घर से नाच के आई और बोरिंग में नहाकर लगभग शाम 5:00 बजे घर में अपने पलंग में किताब रखकर मोबाईल से किसी लड़के से बात की, तब बड़ी लड़की अल्का अपने पिता जगदीश को बताई कि आईलिन पढ़ाई नहीं करती है और किसी ना किसी से मोबाईल पर बातें करते रहती है । तब गुस्से में आकर जगदीश टोप्पो डंडा पकड़कर आईलिन को दौड़ाया तो आईलिन मार के डर से घर से भाग गई । कुछ देर बाद आईलिन की मां अनिता टोप्पो (40 वर्ष) और अल्का आईलिन को खोजने गए । देर रात जगदीश टोप्पो आंगन में घूम रहा था । उसी समय आईलिन वापस आई तो जगदीश गुस्से में आकर आईलिन का बाल पकड़कर दरवाजे में ठोंकर मारा जिससे उसके मुंह के दांत टूट गए उसके बाद निर्दयी पिता उसकी गला दबाकर हत्या कर दिया । लाश को करीबन 24 घंटे तक घर में रखा, दूसरे दिन नत्थे के खेत स्थित बेशरम झाड़ियों के बीच झुरमुट में छुपा कर रख दिया वहीं पर मृतिका के कपड़े फेंका, स्वेटर एवं समीज जो शव के पास पड़े थे जिसमें गोबर मिट्टी एवं खून के दाग थे । जगदीश टोप्पो, उसकी पत्नी अनीता टोप्पो एवं अल्का द्वारा साक्ष्य छुपाने की नियत से घटना दिनांक के 7 दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कराएं । विवेचना दरम्यान दरवाजे में खून के धब्बे मिले हैं । तीनों आरोपियों को अपराध क्रमांक 106/2021 धारा 363 IPC + 302,201,34 IPC में आज गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है । जिले के पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के कुशल नेतृत्व में लगातार गंभीर घटनाओं का पटाक्षेप किये जाने पर जिले की पुलिसिंग के प्रति आमजन का विश्वास बढ़ रहा है ।
लेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए बेल ? आइकन को दबाये

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
error: Content is protected !!