छत्तीसगढ़

किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने कृषि विभाग की महत्वपूर्ण पहल, खरीफ वर्ष 2026 हेतु 1 फरवरी से 31 मई तक रासायनिक उर्वरकों का अग्रिम उठाव प्रारंभ

जांजगीर-चांपा 09 फरवरी 2026/ खरीफ वर्ष 2026 की खेती को सुचारु एवं समयबद्ध रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा रासायनिक उर्वरकों के अग्रिम उठाव की प्रक्रिया 1 फरवरी से 31 मई 2026 तक प्रारंभ कर दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य खरीफ मौसम के दौरान किसानों को उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना, संभावित कमी से बचाव करना तथा वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखना है।

उप संचालक कृषि ने बताया कि खरीफ वर्ष 2026 के लिए कुल 19,700 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्धारित लक्ष्य के अंतर्गत यूरिया 9,200 मीट्रिक टन, डीएपी 5,500 मीट्रिक टन, एनपीके 2,500 मीट्रिक टन, एमओपी 500 मीट्रिक टन तथा एसएसपी 2,000 मीट्रिक टन उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। यह संपूर्ण वितरण सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा। किसानों को राहत प्रदान करते हुए यह निर्णय लिया गया है कि 1 फरवरी से 31 मई 2026 तक अग्रिम रूप से उठाए गए रासायनिक उर्वरकों पर सहकारी समितियों द्वारा कृषकों से किसी भी प्रकार का ब्याज अधिभारित नहीं किया जाएगा। इससे किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा और वे बिना अतिरिक्त वित्तीय बोझ के आवश्यक उर्वरक समय रहते प्राप्त कर सकेंगे।

उप संचालक कृषि द्वारा जिले के समस्त कृषकों से अपील की गई है कि वे खरीफ वर्ष 2026 हेतु आवश्यक रासायनिक उर्वरकों का अग्रिम उठाव अपनी नजदीकी सहकारी समिति से समय रहते कर लें। इससे खरीफ मौसम के दौरान उर्वरकों की संभावित कमी, अनावश्यक भीड़, वितरण में अव्यवस्था एवं विलंब जैसी समस्याओं से बचा जा सकेगा। कृषि विभाग की यह अग्रिम उठाव व्यवस्था किसानों को समय पर खेती की तैयारी करने, फसल उत्पादन में वृद्धि लाने तथा खेती-किसानी को अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समय पर उर्वरक उपलब्ध होने से किसान खरीफ फसलों की बुवाई एवं पोषण कार्य सुचारु रूप से कर सकेंगे।

𝐁𝐡𝐢𝐬𝐦 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥

𝐄𝐝𝐢𝐭𝐨𝐫 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐛𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐍𝐞𝐰𝐬
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