बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस द्वारा गुम हुए मोबाइलों को खोजने के लिए चलाए जा रहे ‘अर्पण अभियान’ ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम हुए 100 मोबाइल हैंडसेट को तकनीकी टीम की मदद से रिकवर कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा गया। इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चली मुहिम
उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर, श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशानुसार, ए.सी.सी.यू (ACCU) बिलासपुर और सभी थानों को गुमे हुए मोबाइलों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस की तकनीकी टीम ने फील्ड वर्क और सर्विलांस के आधार पर महज एक माह के भीतर बिलासपुर शहर, सीमावर्ती जिलों और पड़ोसी राज्यों से इन मोबाइलों को बरामद किया।
दूरस्थ राज्यों तक पहुंची पुलिस की टीम
अभियान के दौरान यह पाया गया कि कई मोबाइल छत्तीसगढ़ के दूरस्थ जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी सक्रिय थे। पुलिस ने विधिवत अभियान चलाकर इन्हें वापस लाया। मोबाइल प्राप्त करने के लिए करीब 160 लोग कार्यक्रम में उपस्थित हुए, जहां अपना खोया हुआ फोन वापस पाकर उनके चेहरे खिल उठे।
साइबर जागरूकता पर विशेष जोर
मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने जनता को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक भी किया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने वर्तमान में चल रहे ठगी के नए तरीकों के बारे में विस्तार से बताया:
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- डिजिटल अरेस्ट: डरा-धमकर ऑनलाइन पैसे ऐंठना।
- सेक्सटॉर्शन: वीडियो कॉलिंग के जरिए ब्लैकमेलिंग।
- फेक प्रोफाइल: व्हाट्सएप पर फोटो (DP) बदलकर अपनों के नाम पर पैसे मांगना।
- अन्य: बिटकॉइन, टूरिज्म प्लान, कस्टमर केयर और ऑनलाइन लोन एप के जरिए होने वाली ठगी।
अधिकारियों की उपस्थिति: कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री पंकज पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात श्री रामगोपाल करियरे, नगर पुलिस अधीक्षक श्री निमितेश सिंह, प्रभारी ए.सी.सी.यू. श्री हेमन्त आदित्य और साइबर एक्सपर्ट उप निरीक्षक प्रभाकर तिवारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गुम हुए अन्य मोबाइलों की खोजबीन के लिए अलग से अभियान निरंतर जारी रहेगा, ताकि आम जनता की अमानत उन्हें वापस मिल सके।




















